अरुणाचल में सीएम सहित 44 विधायक दूसरे दल में शामिल, कांग्रेस ने मोदी को ठहराया जिम्मेदार
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सूत्रों के मुताबिक दो महीने पहले मुख्यमंत्री बने खांडू, कांग्रेस के 43 विधायकों के साथ पीपीए में शामिल हो गए जिससे यह सरकार लगभग पीपीए सरकार में तब्दील हो गई है।
दो महीने पहले सुप्रीम कोर्ट से कांग्रेस सरकार की बहाली के घटनाक्रम के बाद खांडू राज्य के मुख्यमंत्री बने थे। कांग्रेस के साथ अब केवल एक विधायक नबाम तुकी बचे हैं । बता दें कि कांग्रेस ने पार्टी में बगावत को नियंत्रित करने के प्रयास के तहत जुलाई में तुकी की जगह खांडू को मुख्यमंत्री बनाया था ।
60 सदस्यीय विधानसभा में थे कांग्रेस के कुल 46 विधायक
अब देखना यह होगा कि पीपीए, 11 विधायकों वाली भाजपा के साथ जाती है या नहीं । राज्य की 60 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 47 विधायक थे, भाजपा के 11 और दो निर्दलीय विधायक हैं । कांग्रेस के दो विधायकों की स्थिति के बारे में अभी फैसला होना बाकी है जिन्होंने हालिया राजनीतिक घटनाक्रम से पहले इस्तीफा दे दिया था ।
राज्य में राजनीतिक सरगर्मियों के चलते जनवरी 2016 में तुकी सरकार गिर गई, राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा और कुछ समय के लिए दिवंगत कलिखो पुल की सरकार बनी। कांग्रेस विधायक पुल ने पिछले महीने आत्महत्या कर ली थी । उन्हें उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद जुलाई में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था ।
अरुणाचल में हुआ डेमोक्रेटिक फ्रॉड : कांग्रेस
अरुणाचल प्रदेश में एक विधायक को छोड़ सभी के भाजपा समर्थित पीपीए में शामिल हो जाने को कांग्रेस ने डेमोक्रेटिक फ्रॉड की संज्ञा दी है। कांग्रेस ने इसके लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को जिम्मेदार ठहराया है।
कांग्रेस का कहना है कि अनैतिक ढंग से बार-बार कोशिश कर जनता के विश्वास को तोड़ लोकतंत्र की हत्या हुई है। कांग्रेस में पूर्वोत्तर के प्रभारी सीपी जोशी का कहना कि केंद्र सरकार और भाजपा ने मसल और मनी पावर का इस्तेमाल कर कांग्रेस विधायकों को जबरन ऐसा करने पर मजबूर किया है। केंद्र सरकार ने ऐसा करके सुप्रीम कोर्ट को भी मैसेज दिया है।
क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय के बाद ही वहां फिर से सरकार का गठन हुआ था। भाजपा ने राज्य में विकास का दबाव बनाकर के चुनी हुई सरकारों के साथ ऐसा करने से संसदीय लोकतंत्र नहीं रहेगा। जोशी का कहना है कि वहां की सरकार को केंद्र सरकार से फंड नहीं मिल रहे थे। दबाव की राजनीति और अनैतिक तरीके से भाजपा वहां अपनी विचारधारा थोपकर खुद को मजबूत दिखाना चाहती है।
भाजपा का कोई हाथ नहीं : रिजिजू
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरन रिजिजू ने अरुणाचल में राजनीतिक संकट के लिए कांग्रेस के अंदरुनी कलह को जिम्मेदार ठहराया है। अरुणाचल प्रदेश से ताल्लुक रखने वाले रिजिजू ने कहा कि राज्य के मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम में भाजपा का कोई हाथ नहीं है। दरअसल कांग्रेस के विधायक अपने नेतृत्व से नाराज थे। इसी वजह से टुकी को छोड़ कर सभी पीपीए में चले गए।