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Arunachal Pradesh: पिछले साल महिला ने निर्वाचन अधिकारियों की शिकायत की थी, अब मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान

Thu, 23 May 2024 12:58 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला,ईटानगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,ईटानगर Published by: श्वेता महतो Updated Thu, 23 May 2024 12:58 PM IST
सार

आरोपी ने इस साल मार्च में विधानसभा चुनाव के लिए बोरदुमसा-दियुन निर्वाचन क्षेत्र से नामांकन भरा था, लेकिन उसकी बोली खारिज कर दी गई थी। महिला की शिकायत पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य मानवाधिकार आयोग ने इसे एक गंभीर मामला बताया।

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Arunachal human rights body takes cognizance of complaint over fake voter ID News in hindi
चुनाव आयोग - फोटो : ANI

विस्तार

अरुणाचल प्रदेश में एक महिला ने एक व्यक्ति के नकली मतदाता पहचान पत्र पर निष्क्रियता के लिए चांगलांग जिले में निर्वाचन अधिकारियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। राज्य मानवाधिकार आयोग ने इस मामले का संज्ञान लिया। महिला ने पिछले साल जून में चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज करवाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि चांगलांग जिला निर्वाचन अधिकारी और जिला पंजीकरण अधिकारी ने उस व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, जिसपर नकली प्रमाणपत्र प्राप्त करने का आरोप था। 
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राज्य मानवाधिकार आयोग ने बताया गंभीर मामला
आरोपी ने इस साल मार्च में विधानसभा चुनाव के लिए बोरदुमसा-दियुन निर्वाचन क्षेत्र से नामांकन भरा था, लेकिन उसका नामांकन खारिज कर दिया गया। महिला की शिकायत पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य मानवाधिकार आयोग ने इसे एक गंभीर मामला बताया। आयोग ने कहा, चांगलांग जिले के बोरदुमसा-दियुन के जिला पंजीकरण अधिकारी ने 23 अगस्त 2023 को सुनवाई के बावजूद शिकायत पर कोई निर्णय नहीं लिया। चांगलांग जिले के निर्वाचन अधिकारी ने भी 15 फरवरी 2024 के सुनवाई अपील मामले में कोई निर्णय नहीं लिया। 
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मानवाधिकार आयोग ने आगे कहा, "इससे एक ऐसे व्यक्ति को नामांकन जमा करने की अनुमति मिल गई, जिसके खिलाफ उसकी मतदाता पहचान पत्र के संबंध में धोखाधड़ी की शिकायतें लंबित हैं।" उन्होंने जिले के निर्वाचन अधिकारी और जिला पंजीकरण अधिकारी को विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने 15 दिनों के भीतर चुनाव आयोग को यह बताते के लिए कहा कि अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
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शिकायतकर्ता ने दावा किया कि आरोपी अरुणाचल प्रदेश में ही बिना इनर लाइन परमिट के रह रहा है, जो कि बंगाल ईस्टर्न फ्रंटियर रेगुलेशन 1873 का उल्लंघन है। महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी धोखे से 2022 में चुनाव प्रमाणपत्र प्राप्त किया था। 
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