भारत-पोलैंड साझेदारी को मिलेगी नई गति: आज पीएम मोदी और डोनाल्ड टस्क की अहम बैठक, व्यापार मंच पर भी होगा मंथन
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क आज नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। बैठक में रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा के साथ व्यापार, निवेश, रक्षा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा होगी। दिल्ली में बिजनेस फोरम के बाद टस्क बंगलूरू भी जाएंगे।
विस्तार
भारत और पोलैंड के रिश्तों को नई दिशा देने के लिए आज, 22 अक्तूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क के बीच अहम बैठक होगी। टस्क भारत के आधिकारिक दौरे पर नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के साथ व्यापार, निवेश, रक्षा, उभरती तकनीक और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होने की उम्मीद है।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर भारत आए टस्क के साथ पोलैंड के वित्त एवं अर्थव्यवस्था मंत्री आंद्रेज डोमान्स्की और एक बड़ा कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी आया है। दिल्ली में दोनों प्रधानमंत्रियों की बैठक के अलावा 22 अक्तूबर को भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम भी आयोजित किया जाएगा। इसके बाद टस्क बंगलूरू जाएंगे, जहां 23 अक्तूबर को कारोबारी प्रतिनिधियों से मुलाकात और बिजनेस फोरम से जुड़ी गतिविधियां निर्धारित हैं।
आज पीएम मोदी और डोनाल्ड टस्क के कौन-कौन से कार्यक्रम?
पोलैंड के प्रधानमंत्री के भारत दौरे के दौरान आज दिल्ली में कई अहम कार्यक्रम निर्धारित हैं।
- पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक: दोनों नेता भारत-पोलैंड संबंधों की समीक्षा करेंगे और क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों पर विचार साझा करेंगे।
- भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम: दिल्ली में व्यापार और निवेश से जुड़े अवसरों पर चर्चा होगी। इसमें दोनों देशों के कारोबारी प्रतिनिधियों की भागीदारी रहेगी।
- रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा: रक्षा, उभरती तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा, शिक्षा, संस्कृति और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे विषयों पर सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर रहेगा।
- बंगलूरू का दौरा: दिल्ली के कार्यक्रमों के बाद टस्क बंगलूरू जाएंगे। वहां वह सूचना प्रौद्योगिकी और अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों और अन्य प्रतिनिधियों से बातचीत करेंगे। बंगलूरू में भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम से जुड़ा कार्यक्रम 23 अक्तूबर को निर्धारित है।
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यह यात्रा दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने और साझा हितों वाले क्षेत्रों में सहयोग आगे बढ़ाने का अवसर है।
2024 में रणनीतिक साझेदारी का दर्जा, अब आगे बढ़ाने पर जोर
भारत और पोलैंड के संबंधों में अगस्त 2024 में अहम बदलाव आया था। उस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पोलैंड यात्रा के दौरान दोनों देशों ने अपने रिश्तों को रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया था। मौजूदा दौरे में दोनों नेता इसी साझेदारी के तहत हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे।
बैठक में व्यापार और निवेश के अलावा रक्षा सहयोग, डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर, अंतरिक्ष, ऊर्जा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में संभावनाओं पर चर्चा हो सकती है। दोनों देश भारत-यूरोपीय संघ (EU) रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के मुद्दे पर भी विचार कर सकते हैं।
कारोबार और निवेश पर क्यों रहेगा फोकस?
पोलैंड के प्रधानमंत्री के साथ वित्त एवं अर्थव्यवस्था मंत्री और कारोबारी प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी से इस दौरे में आर्थिक सहयोग को खास महत्व मिलने की उम्मीद है। भारत-पोलैंड बिजनेस फोरम दोनों देशों की कंपनियों को निवेश, कारोबार और तकनीकी सहयोग के अवसरों पर बातचीत करने का मंच देगा।
नवीकरणीय ऊर्जा, सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष और उभरती तकनीकों जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं भी महत्वपूर्ण रहेंगी। हालांकि, किसी नए समझौते या निवेश की घोषणा को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार रहेगा।
जयशंकर की वारसॉ यात्रा के बाद बढ़ी कूटनीतिक गतिविधियां
टस्क का दौरा भारत और पोलैंड के बीच हाल के महीनों में हुई कूटनीतिक बातचीत की अगली कड़ी है। चार सितंबर को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वारसॉ में पोलैंड के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने 2024-28 की संयुक्त कार्ययोजना की प्रगति की समीक्षा की।
चर्चा में व्यापार, निवेश, अंतरिक्ष, डिजिटल तकनीक, AI, सेमीकंडक्टर, रक्षा, शिक्षा, ऊर्जा और सांस्कृतिक संबंधों जैसे विषय शामिल थे। जयशंकर ने पोलैंड के राष्ट्रपति कारो्ल नवरोत्स्की से भी मुलाकात की थी। उस बातचीत में भारत-पोलैंड रणनीतिक साझेदारी के साथ यूक्रेन संघर्ष, पश्चिम एशिया और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे जैसे मुद्दों पर विचार साझा किए गए थे।