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अरुणाचल विधानसभा स्वर्ण जयंती: स्मृति स्तंभ का अनावरण, पूर्व CM और सभापतियों को राज्यपाल ने किया सम्मानित
सार
अरुणाचल प्रदेश विधानसभा के स्वर्ण जयंती समारोह में आज राज्यपाल ने स्मृति स्तंभ का अनावरण किया। इस कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्रियों और सभापतियों को सम्मानित भी किया गया। राज्यपाल ने कहा कि विधानसभा की 50वीं वर्षगांठ लोकतंत्र की जीत का प्रतीक है।
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अरुणाचल प्रदेश विधानसभा स्वर्ण जयंती समारोह
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अरुणाचल प्रदेश विधानसभा की स्वर्ण जयंती समारोह आज ऐतिहासिक अंदाज में मनाई गई। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल केटी परनाइक (सेवानिवृत्त) ने विधानसभा परिसर में स्मृति स्तंभ का अनावरण किया और इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्रियों, सभापतियों और उपसभापतियों को सम्मानित किया।
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विधानसभा के 50 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा पर प्रदर्शनी
समारोह के दौरान राज्यपाल ने मुख्यमंत्री पेमा खांडू और मंत्रिपरिषद के साथ मिलकर प्रदेश की प्रमुख नदियों–कामेंग, सुबनसिरी, सियांग, लोहित और तिरप–से लाए गए जल और पत्थरों को विधानसभा परिसर स्थित एकता एक्वेरियम में अर्पित किया। इस अवसर पर विधानसभा के 50 वर्षों की ऐतिहासिक यात्रा को दर्शाने वाली फोटो प्रदर्शनी भी लगाई गई।
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लोकतांत्रिक परिपक्वता का प्रतीक बनकर उभरा अरुणाचल
इस मौके पर राज्यपाल ने कहा कि विधानसभा की 50वीं वर्षगांठ लोकतंत्र की जीत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि पिछले पांच दशकों में अरुणाचल प्रदेश शांति, स्थिरता और लोकतांत्रिक परिपक्वता का प्रतीक बनकर उभरा है। यह सफलता दूरदर्शी नेतृत्व और जनता की भागीदारी का परिणाम है।
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सीमावर्ती गांवों में विकास पर विशेष जोर
राज्यपाल ने युवाओं से आह्वान किया कि वे इतिहास को जानें, अपनी जड़ों का सम्मान करें और भविष्य के लिए बड़े सपने देखें। उन्होंने कहा कि आने वाले 50 साल सतत विकास, गरीबी उन्मूलन, महिला सशक्तिकरण और कमजोर वर्गों की सुरक्षा जैसी बड़ी चुनौतियां लेकर आएंगे। उन्होंने ई-विधान और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के विस्तार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, महिला-पुरुष समानता, सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण और सीमावर्ती गांवों में विकास पर विशेष जोर दिया।
नशामुक्ति पर भी ध्यान देने की जरूरत
साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं, खेल और नशामुक्ति पर भी ध्यान देने की आवश्यकता बताई। राज्यपाल ने कहा, विधानसभा को पारदर्शिता, ईमानदारी और जनता-हित के आदर्श पर खरा उतरना चाहिए। हर निर्णय केवल एक कसौटी पर परखा जाए – क्या यह जनता के हित में है। समारोह में मुख्यमंत्री पेमा खांडू, विधानसभा अध्यक्ष तेसाम पॉंगटे, उपाध्यक्ष कार्दो न्यिस्योर, पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम खांडू थुंगन और पूर्व अध्यक्ष टीएल राजकुमार ने भी अपने विचार रखे।