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Jiban Krishna Saha: गिरफ्तार TMC विधायक न्यायिक हिरासत में भेजे गए; ईडी मामले में पीएमएलए कोर्ट का अहम फैसला

Sat, 30 Aug 2025 05:22 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Sat, 30 Aug 2025 05:22 PM IST
सार

यह जांच पश्चिम बंगाल सरकार के स्कूलों में सहायक शिक्षकों (कक्षा 9-12) की कथित अवैध नियुक्तियों से जुड़ी है। दावा है कि ऐसा पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) के अधिकारियों के साथ आपराधिक साजिश के तहत किया गया। 

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Arrested TMC MLA Jiban Krishna Saha sent to judicial remand by PMLA court in ED case
टीएमसी विधायक जीवन कृष्ण साहा। - फोटो : ANI/X

विस्तार

कोलकाता की एक विशेष धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) अदालत ने शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किए गए तृणमूल कांग्रेस विधायक जीवन कृष्ण साहा को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। साहा को 25 अगस्त को संघीय एजेंसी ने धन शोधन के आरोप में गिरफ्तार किया था। उन्हें छह दिन की ईडी रिमांड खत्म होने पर अदालत में पेश किया गया।

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एजेंसी के वकील भास्कर प्रसाद बनर्जी ने विशेष अदालत के न्यायाधीश के समक्ष साहा की न्यायिक हिरासत की अपील की। विधायक ने अदालत के सामने कोई जमानत की याचिका नहीं लगाई। मुर्शिदाबाद जिले के बुरवान निर्वाचन क्षेत्र के विधायक को संघीय जांच एजेंसी ने उनके आवास पर तलाशी के बाद गिरफ्तार किया था। छापेमारी में उनके सहयोगियों और प्रसन्न कुमार रॉय नामक एक कथित बिचौलिए के परिसरों पर भी छापेमारी की गई।
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साहा को इससे पहले अप्रैल, 2023 में कथित स्कूल भर्ती अनियमितताओं के सिलसिले में सीबीआई ने गिरफ्तार किया था और मई, 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी। ईडी ने आरोप लगाया है कि साहा ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर पश्चिम बंगाल में सहायक शिक्षकों के पद पर नौकरी दिलाने के बदले अयोग्य उम्मीदवारों से भारी रकम वसूलने के लिए एक एजेंट के रूप में काम किया।
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अवैध नियुक्तियों से जुड़ी जांच
यह जांच पश्चिम बंगाल सरकार के स्कूलों में सहायक शिक्षकों (कक्षा 9-12) की कथित अवैध नियुक्तियों से जुड़ी है। दावा है कि ऐसा पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (एसएससी) के अधिकारियों के साथ आपराधिक साजिश के तहत किया गया। 

25,000 से अधिक उम्मीदवारों की नियुक्तियों को रद्द कर दिया था
इस साल अप्रैल में सुप्रीम कोर्ट ने एसएससी की ओर से शिक्षकों और कर्मचारियों के रूप में नियुक्त किए गए 25,000 से अधिक उम्मीदवारों की नियुक्तियों को धोखाधड़ी करार देते हुए रद्द कर दिया था। ईडी ने एक बयान में आरोप लगाया है कि साहा ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर सहायक शिक्षकों के पद पर नौकरी दिलाने के बदले अयोग्य उम्मीदवारों से भारी रकम वसूलने के लिए एक एजेंट के रूप में काम किया। एजेंसी ने कहा कि विभिन्न उम्मीदवारों ने ईडी के समक्ष दर्ज अपने बयानों में नियुक्तियों के बदले साहा को सीधे नकद भुगतान करने की पुष्टि की है।


भागने की कोशिश की थी, मोबाइल फोन नाले में फेंक दिया था
एजेंसी ने यह भी कहा कि तलाशी के दौरान साहा ने परिसर से भागने की कोशिश की और अपने मोबाइल फोन नाले में फेंककर सबूत नष्ट करने का प्रयास किया, जिन्हें बाद में तलाशी दल ने बरामद कर लिया। 2023 में सीबीआई की ओर से गिरफ्तार किए जाने पर साहा ने भी ऐसा ही प्रयास किया था और उन्होंने अपने मोबाइल फोन अपने आवास के पीछे एक तालाब में फेंक दिए थे। केंद्रीय एजेंसी की एक तलाशी दल ने बाद में ये गैजेट बरामद किए थे। एजेंसी ने कहा है कि मामले में अपराध की आय सैकड़ों करोड़ रुपये में है। उसने अब तक 238 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है। अप्रैल 2024 में एक आरोपपत्र भी दायर किया है।

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