Wayanad Landslide: मलबे में जिंदगी तलाश रहे सेना के 'जॉकी', 'डिक्सी', 'सारा'; वायनाड में ऐसे चल रहा बचाव कार्य
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वायनाड
Published by: श्वेता महतो
Updated Fri, 02 Aug 2024 03:18 PM IST
सार
इन कुत्तों को उत्तर प्रदेश के मेरठ कैंट में आरवीसी सेंटर एंड कॉलेज के डॉग ट्रेनिंग फैकल्टी (डीटीएफ) से लाया गया है। इन्हें मलबे के नीचे दबे मनुष्य के गंध की पहचान करने और संकेत देने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। इन कुत्तों को तैयार करने के लिए 12 सप्ताह तक प्रशिक्षित किया जाता है।
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वायनाड में भूस्खलन
- फोटो : एएनआई