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AI: सेना अपनी युद्धक क्षमताओं को बढ़ाने के लिए एआई के इस्तेमाल की कर रही तैयारी, अधिकारी ने किया यह दावा
Mon, 06 Oct 2025 11:21 PM IST
कुमार विवेक
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कुमार विवेक
Updated Mon, 06 Oct 2025 11:21 PM IST
सार
इलेक्ट्रॉनिक्स और मैकेनिकल इंजीनियर्स (ईएमई) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल राजीव कुमार साहनी ने कहा कि सेना एक स्वदेशी एकीकृत एआई प्लेटफॉर्म विकसित कर रही है जो एक ही सुरक्षित ढांचे पर परिचालन, खुफिया, रसद और प्रशिक्षण अनुप्रयोगों को एकीकृत करेगा।
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प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : AI
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विस्तार
भारतीय सेना ने राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने में अधिक गति और सटीकता लाने के लिए अपने युद्धक उपकरणों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता को शामिल करने के लिए परिवर्तनकारी पहल शुरू की है। एक सीनियर अधिकारी ने सोमवार को इसकी जानकारी दी।
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इलेक्ट्रॉनिक्स और मैकेनिकल इंजीनियर्स (ईएमई) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल राजीव कुमार साहनी ने कहा कि सेना एक स्वदेशी एकीकृत एआई प्लेटफॉर्म विकसित कर रही है जो एक ही सुरक्षित ढांचे पर परिचालन, खुफिया, रसद और प्रशिक्षण अनुप्रयोगों को एकीकृत करेगा। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी एआई के अनुप्रयोग पूरी तरह से प्रदर्शित हुए। उन्होंने कहा कि एआई को अपनाने का कार्य संरचित और सतर्क तरीके से किया जा रहा है।
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लेफ्टिनेंट जनरल साहनी ने कहा कि फोकस क्षेत्रों में उन क्षेत्रों में एआई को प्राथमिकता देना शामिल है जहां यह कर्मियों के लिए जोखिम को कम करता है, निर्णय लेने में सुधार करता है, और लचीलापन मजबूत करता है। सैन्य अधिकारी ने कहा कि एआई-संचालित अभियानों में विश्वसनीयता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एक मजबूत परीक्षण और नैतिक शासन ढांचा स्थापित करना प्राथमिकता वाला क्षेत्र है।
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उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस कोलेशन एंड एनालिसिस सिस्टम (ईसीएएस) एक महत्वपूर्ण पहल है, जो महत्वपूर्ण खतरों की पहचान करेगी और उन्हें प्राथमिकता देगी, जिससे रणनीतिक प्रभुत्व हासिल करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि त्रिनेत्र एक अन्य एप्लीकेशन है जो बेहतर समन्वय, स्थितिजन्य जागरूकता और निर्णय श्रेष्ठता के लिए एक सामान्य परिचालन चित्र प्रदान करता है। लेफ्टिनेंट जनरल साहनी ने कहा कि सभी खुफिया एजेंसियों की ओर से उपयोग किए जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस कोलेशन नामक एप्लिकेशन को ऑपरेशन सिंदूर के दौरान रिकॉर्ड समय में संशोधित किया गया ताकि विभिन्न हितधारकों की अनुकूलित आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके और इससे विरोधी सेंसर का पता लगाने में मदद मिली।
उन्होंने कहा कि त्रिनेत्र प्रणाली ने सामरिक और परिचालन दोनों स्तरों पर एक समान परिचालन और खुफिया तस्वीर तैयार करने में सहायता की। उन्होंने कहा कि संसाधनों का बेहतर समन्वय, बेहतर निर्णय लेने की क्षमता सभी स्तरों पर कमांडरों को अधिक मानसिक चपलता और स्थितिजन्य जागरूकता प्रदान करती है।