सेना की सर्विस में शारीरिक फिटनेस जरूरी: HC
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अदालत ने याची प्रवेश के उस तर्क को खारिज कर दिया जिसमें उसे सेना में सर्विस के लिए स्थायी रूप से अयोग्य करार दिया था। याची ने आग्रह किया था कि सेना को उसे चेन्नई में प्री-कमीशन ट्रेनिंग पूरी करने की इजाजत प्रदान करने का निर्देश दिया जाए।
सेना में सेवा के लिए शारीरिक फिटनेस की उच्चतम डिग्री की आवश्यकता होती है
खंडपीठ ने कहा इसमें कोई शक नहीं है कि सेना में सेवा शारीरिक फिटनेस की उच्चतम डिग्री की आवश्यकता होती है। अदालत ने कहा याची की उंगली में दोष होने के कारण वह हथियार चलाने में पूरी तरह से सक्षम नहीं है।
अदालत ने केंद्र सरकार के उस तर्क को भी स्वीकार कर लिया जिसमें कहा गया था कि सशस्त्र संघर्ष के दौरान पैदल सेना या तोपखाने, तकनीकी विंग या सेना की चिकित्सा विंग को भी हथियारों का प्रयोग करना पड़ता है।
अदालत ने माना कि प्री-कमीशन में शामिल होने से पूर्व याची ने चिकित्सा जांच में धोखा किया था जिससे उसकी कमी के बारे में पता नहीं चल पाया था। उसने अधिकारियों को अपनी चिकित्सा जांच में संबंध में गुमराह किया था।