16 साल से PoK की जमीन का किराया भर रही है सेना, सीबीआई ने शुरू की जांच
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सेना से धोखाधड़ी का एक अजीब मामला सामने आया है, जिसमें सेना से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थित एक जमीन का किराया वसूल लिया गया। सीबीआई अब एफआईआर दर्ज कर इस मामले की जांच में जुट गई है।
सीबीआई की ओर से दर्ज एफआईआर के मुताबिक जम्मू-कश्मीर में नौशेरा के पटवारी दर्शन कुमार और तत्कालीन सब डिविजनल एस्टेट ऑफिसर आरएस चंद्रवंशी ने अन्य लोगों के साथ मिलकर 2000 में साजिश रची।
सीबीआई के मुताबिक जांच में पता चला है कि यह जिस 122 कैनाल जमीन का मामला है वह जमीन 1969-70 के जमाबंदी रजिस्टर के मुताबिक पाकिस्तान के मकबूजा में है। लेकिन डिफेंस एस्टेट की ओर से उसका किराया दिया जा रहा है।
जांच में सामने आया कि सब डिविजनल एस्टेट ऑफिसर आरएस चंद्रवंशी, पटवारी दर्शन कुमार ने अन्य लोगों के साथ मिलीभगत कर फर्जी दस्तावेज के जरिए पीओके की इस जमीन को सेना के पास किराये पर होना दर्शा दिया। ऐसा कर एक सैन्य अधिकारी, डिफेंस एस्टेट ऑफिसर और अन्य अधिकारी इस जमीन के लिए किराये के मद में 4.99 लाख रुपये दे रहे थे। सीबीआई के मुताबिक इस साजिश के चलते 6 लाख रुपये के राजस्व का चूना लगा।
'सेना ने नागरिकों से जमीन किराए पर ली थी'
जांच में यह भी सामने आया कि सेना ने नागरिकों से जमीन किराए पर ली थी। सैन्य अधिकारी, डिफेंस एस्टेट और राजस्व विभाग के अधिकारियों के बोर्ड ने भौतिक सत्यापन के बाद किराये पर मुहर लगाई थी।
लेकिन आपराधिक साजिश करने वाले बोर्ड के अधिकारी ऐसी जमीन का सेना के पास होने का भौतिक सत्यापन कर बैठे जो जमीन पीओके में थी। सीबीआई के मुताबिक बोर्ड की प्रक्रिया वर्ष 2000 में हुई थी। राजेश कुमार नाम के व्यक्ति के नाम पर 4.99 लाख रुपये जारी कर दिए गए।