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Make II projects: सेना ने पांच मेक II परियोजना के लिए पीएसओ को दी मंजूरी, आत्मनिर्भर भारत की ओर कदम

Fri, 04 Nov 2022 11:38 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Fri, 04 Nov 2022 11:38 PM IST
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Army has now approved Project Sanction Orders of 5 Make II projects
भारतीय सेना के हथियार - फोटो : सोशल मीडिया
अपनी चल रही परियोजनाओं को और बढ़ावा देने के लिए सेना ने अब पांच मेक II परियोजनाओं के परियोजना स्वीकृति आदेश (पीएसओ) को मंजूरी दे दी है। मेक II परियोजनाएं उद्योग द्वारा वित्त पोषित परियोजनाएं हैं जिनमें प्रोटोटाइप के विकास के लिए भारतीय विक्रेताओं द्वारा डिजाइन, विकास और नवाचार शामिल हैं। 
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इससे पहले भारतीय सेना ने कल (गुरुवार) को भारत सरकार द्वारा रक्षा बलों को दी गई आपातकालीन खरीद शक्तियों के तहत फास्ट-ट्रैक प्रक्रियाओं के जरिए तहत 120 लॉयटरिंग म्यूनिशंस यानी सुसाइड ड्रोन के साथ हवा में मार करने में सक्षम प्रणाली के 10 सेट की खरीद के लिए निविदा जारी की है। भारतीय सेना के एक अधिकारी ने इसके बारे में जानकारी दी। इससे पहले सेना ने 750 ड्रोन्स की खरीद के लिए एक निविदा जारी की है।

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वहीं, कुछ दिनों पहले 1,000 निगरानी कॉप्टरों की खरीद के लिए भी निविदा जारी हुई थी। साथ ही सेना ने चीन से लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर अपनी ताकत बढ़ाने के लिए रिमोट से चलने वाली 80 मिनी विमान प्रणाली की खरीद के लिए भी टेंडर जारी किए थे।

देश में बनेगा हर मौसम में ड्रोन को मार गिराने वाला हथियार
भारत में ही हर मौसम में दुश्मन के ड्रोन को मार गिराने वाले हथियार सहित पांच अत्याधुनिक सैन्य तकनीक व उपकरणों पर काम शुरू होगा। भारतीय सेना ने पांच मेक-2 परियोजनाओं के प्रोजेक्ट सैंक्शन ऑर्डर (पीएसओ) जारी कर दिए हैं। इनके जरिये सेना आत्मनिर्भर हो सकेगी। 

रक्षा मंत्रालय के मेक-2 प्रोजेक्ट में उद्योगों की फंडिंग से सैन्य तकनीकों व उपकरणों की डिजाइन, विकास और इनोवेशन पर काम होगा।  मेक-2 में भारतीय वेंडरों के जरिये ही प्रोटोटाइप विकसित किए जाएंगे। मंत्रालय के अनुसार, अगर प्रोटोटाइप सफल रहे, तो इनके उत्पादन के ऑर्डर दिए जाएंगे। खुद मंत्रालय यह सुनिश्चित करेगा। इसका फायदा भारत में ही आधुनिक सैन्य तकनीक व उपकरणों के विकास को तेजी देने में मिलेगा।


इन 5 पर होगा काम 

  • ड्रोन किलर सिस्टम 
  • हाई-फ्रीक्वेंसी मैन पैक्ड सॉफ्टवेयर डिफाइन्ड रेडियो 
  • इन्फेंट्री ट्रेनिंग वेपन सिम्युलेटर 
  • 155एमएम टर्मिनली गाइडेड म्यूनिशन
  • मीडियम रेंज प्रिसिशन किल सिस्टम

वायुसेना प्रमुख ने कही यह बात
इस बीच एक अन्य कार्यक्रम में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने विमान और प्रणाली परीक्षण प्रतिष्ठान (एएसटीई) से भारतीय एयरोस्पेस पारिस्थितिकी तंत्र में अभूतपूर्व वृद्धि का फायदा उठाने के लिए अपनी पहुंच बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि एएसटीई ने युद्धक उपकरणों और कर्मियों के संबंध में डिजाइन, विकास, परीक्षण, मूल्यांकन, संचालन और प्रशिक्षण के पूरे आयाम में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य किया है। अब उद्योग, प्रमाणित (उड़ान परीक्षण) समुदाय और अंतिम उपयोगकर्ताओं के साथ समेकित रूप से एकीकृत करने के लिए अपनी पहुंच बढ़ाने का समय है।


 
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