फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   army denied to giving vital information related to kargil for Ministry of Defence

रक्षा मंत्रालय को कारगिल से जुड़ी अहम जानकारी देने से सेना का इंकार

Tue, 26 Jul 2016 09:21 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 26 Jul 2016 09:21 AM IST
विज्ञापन
army denied to giving vital information related to kargil for Ministry of Defence
कारगिल - फोटो : PTI

एक ओर भारत मंगलवार को कारगिल का 17वां विजय दिवस मना रहा है, वहीं  भारतीय रक्षा मंत्रालय कारगिल में हुए तीन महीने के संघर्ष का इतिहास लिख रहा है।

विज्ञापन


दो साल का ये लंबा प्रोजेक्ट पिछले साल जनवरी में शुरु हुआ था, जिसकी अगुवाई इतिहासकार श्रीनाथ राघवन कर रहे हैं।

पाकिस्तानी घुसपैठियों को कारगिल से खदेड़ने वाली भारतीय सेना ने रक्षा मंत्रालय की इतिहास शाखा से किसी भी प्रकार की रणनीतिक जानकारी साझा करने से मना कर दिया है।

विज्ञापन

ये अहम जानकारी नहीं साझा करना चाहती सेना

army denied to giving vital information related to kargil for Ministry of Defence
कारगिल

हालांकि सेना मुख्यालय ने रक्षा मंत्रालय की इतिहास शाखा को एक्शन रिपोर्ट के छह वॉल्यूम दे  दिए हैं जो कि सैन्य संचालन महानिदेशालय और उत्तरी कमान द्वारा तैयार किए गए थे।

इसके अलावा सेना ने किसी और तरह की फाइल देने से मना कर दिया है। जिसमें युद्ध में भाग लेने वाली सेना की सभी कमान की युद्ध डायरी शामिल हैं।

साथ ही डीजीएमओ (डाइरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन) ने तत्तकालीन खुद की युद्ध डायरी भी साझा करने से मना कर दिया है।

ये भी जानकारी अभी नहीं दी जा सकती

army denied to giving vital information related to kargil for Ministry of Defence

अंगेज्री अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक सेना के पूर्व अधिकारी विनोद भाटिया बताते हैं कि ये जरूरी है कि कारगिल का इतिहास लिखा जाना चाहिए, लेकिन हर तरह की रणनीतिक जानकारी साझा नहीं की जा सकती।

क्योंकि वर्तमान में हमारी कुछ तैनाती कारगिल के युद्ध की स्थितियों पर आधारित हैं । ऐसे में डीजीएमओ इस तरह की कोई जानकारी नहीं दे सकता।

इसके अलावा युद्ध में रणनीतिक तौर पर हम किस तरह से काम करते हैं ये भी जानकारी अभी नहीं दी जा सकती। भाटिया कहते हैं कि हमारे यहां के भंडार, सेना तक रसद की पहुंच ये सारी बातें पब्लिक डोमेन की नहीं हैं।

विज्ञापन

20 संघर्षों की कहानी लिख चुका है विभाग

army denied to giving vital information related to kargil for Ministry of Defence

सूत्र बताते हैं कि वायु सेना और नौ सेना मुख्यालय ने कहा कि वो कारगिल के युद्ध से संबंधित जानकारी इतिहास विभाग को मुहैया कराने के लिए तैयार हैं। अखबार के मुताबिक वरिष्ठ सेना के अधिकारी कहते हैं कि कारगिल का इतिहास इस वक्त लिखना जल्दबाजी होगी।

अगर प्रोजेक्ट के शुरु होने से पहले रक्षा मंत्रालय हमें इस बात की जानकारी देता तो हम इस प्रोजेक्ट को पांच से सात साल बाद करने के लिए कहते।

आपको बता दें कि 1953 में रक्षा मंत्रालय की इतिहास शाखा बनाई गई जिसने अब तक 20 संघर्षों की कहानी लिखी है। जिनमें 1948 कश्मीर संघर्ष,  1965  इंडो चाइना वॉर, 1971 बांग्लादेश वॉर, 1962  भारत-चीन युद्ध, सियाचीन युद्ध, भारत-श्रीलंका ऑपरेशन शामिल हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed