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सेना प्रमुख बोले: चीन के साथ वार्ता जारी, उत्तर पूर्व में हालात काबू में, घुसपैठ को नाकाम करने के लिए हमारे जवान तैयार
Wed, 12 Jan 2022 02:32 PM IST
संजीव कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Wed, 12 Jan 2022 02:32 PM IST
सार
भारत में सीमा पर चल रही मौजूदा गतिविधि को लेकर सेना प्रमुख जनरल एम.एम.नरवणे ने आज एक प्रेस वार्ता की। सेना प्रमुख ने इस दौरान कई अहम मुद्दों पर चर्चा की।
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सेना प्रमुख जनरल एम.एम.नरवणे
- फोटो : ANI
विस्तार
थल सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने बुधवार को कहा कि पूर्वी लद्दाख में सेना चीन की पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) के साथ मजबूती से निपटेगी। उन्होंने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर सैनिकों के आंशिक रूप से पीछे हटने की कार्रवाई हुई मगर खतरा अब भी कम नहीं हुआ है।
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जनरल नरवणे ने कहा कि सेना चीन की ओर से नए भू-कानून के अनुरूप किसी भी सैन्य गतिविधि से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। भारत-चीन के बीच कोरकमांडर स्तर की जारी 14वीं वार्ता पर उन्होंने कहा कि भारत पॉइंट 15 (हॉट स्ंिप्रग) पर पेट्रोलिंग के मुद्दे पर आशान्वित है। सेना प्रमुख ने कहा, उत्तरी सीमा पर पिछले डेढ़ साल में हमारी क्षमता कई तरह से बढ़ी है। किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक सुरक्षा कदम उठाए गए हैं।
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उन्होंने बताया कि उत्तरी सीमाओं के पास अवसंरचना के उन्नयन एवं विकास का कार्य समग्र और व्यापक तरीके से किया जा रहा है। यह देखने के लिए बड़े प्रयास किए जा रहे हैं कि सभी दोहरे उपयोग वाले बुनियादी ढांचे कौन-कौन से हैं और उनका क्या उपयोग किया जा सकता है।
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नगालैंड हत्या: जांच के नतीजों के आधार पर होगी उचित कार्रवाई
सेना प्रमुख जनरल नरवणे ने कहा है कि नगालैंड हत्या केस में जांच के नतीजों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने नगालैंड के मोन जिले में हुई इस घटना को अफसोसजनक और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। नगालैंड में सुरक्षा बलों के एक आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन में गलत पहचान के चलते 14 स्थानीय लोग मार गए थे। बाद में हुई झड़प में सुरक्षा बल का एक जवान की भी मौत हो गई थी।
इस घटना को लेकर नगालैंड में बड़े पैमाने पर विरोध हुआ था। सैकड़ों नगा लोगों और छात्र संगठनों ने नगालैंड से सशस्त्र बल विशेष अधिकार कानून (अफ्स्पा) हटाने और मोन जिले में सुरक्षाबलों की गोलीबारी में मारे गए14 आम नागरिकों के लिए इंसाफ की मांग की थी।
सीमा पार एलओसी पर 400 आंतकी ले रहे प्रशिक्षण
थल सेना प्रमुख एमएम नरवणे कहा, पाकिस्तान की ओर से भले ही संघर्ष विराम के उल्लंघन की घटनाओं में कमी आई है मगर उसका छद्म युद्ध जारी है। खुफिया सूचनाओं के मुताबिक सीमा पार आतंकी शिविरों में 350-400 आतंकी प्रशिक्षण ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साल फरवरी में भारत और पाकिस्तान इस सहमति पर पहुंचे कि संघर्ष विराम का उल्लंघन नहीं होगा। हालांकि 2003 से ही यह सहमति थी, लेकिन पाकिस्तान लगातार इसका उल्लंघन कर रहा था। पिछले साल फरवरी के बाद संघर्ष विराम का उल्लंघन कम हुआ है। लेकिन पाकिस्तान की ओर से लगातार घुसपैठ की कोशिशें नापाक मंसूबों को जाहिर करता है। खतरा कम नहीं हुआ है और हमें चौकन्ना रहना है।
सियाचिन ग्लेशियर में दोनों सेनाएं आमने-सामने
जनरल नरवणे ने कहा कि पाकिस्तान ने कब्जा करने की कोशिश की तो हमने भी वहां तैनाती की। पूरे सियाचिन ग्लेशियर में भारत और पाकिस्तान के सैनिक आमने-सामने हैं। सैनिकों को कम करने या हटाने के बारे में तब सोचा जा सकता है, जब वास्तविक नियंत्रण रेखा (एजीपीएल) को दोनों देश स्वीकार कर लें। जब पाकिस्तान अपनी और हमारी पोजिशन को माने और इस पर साइन करे। तभी किसी तरह सैनिकों की संख्या कम की जा सकती है।