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Indian Army: 'विरासत में मिली सीमा से जुड़ी चुनौतियां, भावी खतरों की परख बेहद जरूरी'; सेना प्रमुख का बड़ा बयान
Sat, 16 Dec 2023 10:59 PM IST
ज्योति भास्कर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Sat, 16 Dec 2023 10:59 PM IST
सार
भारतीय सेना के सामने कई चुनौतियां हैं। सेना प्रमुख जनरल पांडे ने कहा है कि देश को विरासत में मिली सीमा से जुड़ी चुनौतियों से देश को आने वाले दिनों में भी जूझना होगा। उन्होंने कहा कि भावी खतरों की परख बेहद जरूरी है।
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सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
भारतीय सेना चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने देश की रणनीतिक तैयारियों पर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देश के सामने आने वाले दिनों में कौन से खतरे पनप सकते हैं, इसकी सही परख करना बेहद जरूरी है। नागपुर में सेना से एक कार्यक्रम में आर्मी चीफ जनरल पांडे ने कहा, भारत के जिन सीमा मुद्दों का समाधान नहीं हुआ है, उसे आने वाले समय में भी जूझना होगा। शनिवार को सेना प्रमुख ने कहा, सीमा से जुड़े विवादों को दूर करने के लिए रणनीतिक योजना और मुस्तैदी जरूरी है।
भारतीय प्रबंधन संस्थान नागपुर में अपने संबोधन में सेना प्रमुख ने कहा, अंतरिक्ष में हथियारों का इस्तेमाल बढ़ रहा है। सुरक्षा के मोर्चे पर बेहद चिंताजनक चुनौतियां पैदा हो रही हैं। साइबर चुनौतियों पर सेना प्रमुख जनरल पांडे ने सीईआरटी-इन (इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम) की 2022 में प्रकाशित वार्षिक रिपोर्ट का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि वेबसाइट पर मैलवेयर प्रसार, दुर्भावनापूर्ण कोडिंग, फिशिंग आदि के लगभग 14 लाख मामले सामने आ चुके हैं। जनरल पांडे ने कहा, सूचना क्षेत्र भी तेजी से जटिल होता जा रहा है।
सेना प्रमुख ने कहा, भारत पहले से ही दुष्प्रचार अभियानों और साइबर हमलों से जूझ रहा है। हमारे पड़ोस में सैन्य गतिविधियां बढ़ी हैं। छद्म युद्ध और धार्मिक कट्टरपंथ को बढ़ावा देने की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। सुरक्षा के जवाबदेह के रूप में भारतीय सैनिक लगातार समसामयिक खतरों से घिरे रहते हैं। भविष्य के खतरों का सही आकलन करने की क्षमता हमारी रणनीतिक योजना और तैयारियों के नजरिए से महत्वपूर्ण बनी हुई है।
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भारतीय प्रबंधन संस्थान नागपुर में अपने संबोधन में सेना प्रमुख ने कहा, अंतरिक्ष में हथियारों का इस्तेमाल बढ़ रहा है। सुरक्षा के मोर्चे पर बेहद चिंताजनक चुनौतियां पैदा हो रही हैं। साइबर चुनौतियों पर सेना प्रमुख जनरल पांडे ने सीईआरटी-इन (इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम) की 2022 में प्रकाशित वार्षिक रिपोर्ट का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि वेबसाइट पर मैलवेयर प्रसार, दुर्भावनापूर्ण कोडिंग, फिशिंग आदि के लगभग 14 लाख मामले सामने आ चुके हैं। जनरल पांडे ने कहा, सूचना क्षेत्र भी तेजी से जटिल होता जा रहा है।
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सेना प्रमुख ने कहा, भारत पहले से ही दुष्प्रचार अभियानों और साइबर हमलों से जूझ रहा है। हमारे पड़ोस में सैन्य गतिविधियां बढ़ी हैं। छद्म युद्ध और धार्मिक कट्टरपंथ को बढ़ावा देने की घटनाएं भी बढ़ रही हैं। सुरक्षा के जवाबदेह के रूप में भारतीय सैनिक लगातार समसामयिक खतरों से घिरे रहते हैं। भविष्य के खतरों का सही आकलन करने की क्षमता हमारी रणनीतिक योजना और तैयारियों के नजरिए से महत्वपूर्ण बनी हुई है।
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