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सेना प्रमुख विपिन रावत बोले- अगला युद्ध स्वदेशी हथियारों से लड़ेंगे और जीतेंगे
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 25 Oct 2017 09:28 PM IST
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रक्षा उद्योग के घरेलू विकास का जोरदार रूप से समर्थन करते हुए सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने बुधवार को कहा कि अगला युद्ध स्वदेशी हथियारों से ही लड़ा जाना चाहिए। एफआईसीसीआई में रक्षा आधुनिकीकरण पर एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए रावत ने कहा, ‘हमें अगला युद्ध स्वदेशी हथियारों के बल पर ही जीतना होगा।’
सेना प्रमुख ने चीन और पाकिस्तान के साथ लगती सीमाओं पर पैनी नजर रखने के लिए दूरदराज के क्षेत्रों में सैन्य प्रतिष्ठानों व सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्वदेशी इंटेलिजेंस और निगरानी प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
इस संदर्भ में, जनरल रावत ने पठानकोट और उरी आतंकवादी हमलों के बारे में भी बात की और जोर दिया कि किस तरह सैन्य प्रतिष्ठानों में भी सुरक्षा चिंता का विषय बन रही है। रावत ने कहा कि रक्षा बलों की जरूरतों को पूरा करने के लिए निजी क्षेत्र की कंपनियों को भी सरकार से हाथ मिलाना चाहिए।
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सेना प्रमुख ने चीन और पाकिस्तान के साथ लगती सीमाओं पर पैनी नजर रखने के लिए दूरदराज के क्षेत्रों में सैन्य प्रतिष्ठानों व सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्वदेशी इंटेलिजेंस और निगरानी प्रणाली विकसित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
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इस संदर्भ में, जनरल रावत ने पठानकोट और उरी आतंकवादी हमलों के बारे में भी बात की और जोर दिया कि किस तरह सैन्य प्रतिष्ठानों में भी सुरक्षा चिंता का विषय बन रही है। रावत ने कहा कि रक्षा बलों की जरूरतों को पूरा करने के लिए निजी क्षेत्र की कंपनियों को भी सरकार से हाथ मिलाना चाहिए।
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'वार्ताकार की नियुक्ति के बावजूद जारी रहेगा ऑपरेशन'
सेना प्रमुख बिपिन रावत ने बुधवार को कहा कि कश्मीर समस्या पर बात करने के लिए नियुक्त किए वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा की नियुक्ति का घाटी में चल रहे सैन्य ऑपरेशन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, ‘जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ के मामलों में कमी आई है और स्थिति बेहतर हो रही है।
कश्मीर समस्या से निपटने का सरकार का तरीका कारगर साबित हुआ है।’ एफआईसीसीआई के एक कार्यक्रम से इतर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने यह बयान दिया।
मीडिया द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या दिनेश्वर शर्मा की नियुक्ति से घाटी में सैन्य ऑपरेशन पर कुछ असर पड़ेगा? उन्होंने कहा, ‘मेरा एक शब्द में जवाब नहीं है। बिल्कुल भी असर नहीं पड़ेगा।’
गौरतलब है कि सोमवार को जम्मू-कश्मीर समस्या के समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने नए वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा को नियुक्त किया। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि इंटेलीजेंस ब्यूरो के पूर्व प्रमुख दिनेश्वर को जम्मू-कश्मीर मामले में सभी समूहों से बातचीत करने की जिम्मेदारी दी गई है।
कश्मीर समस्या से निपटने का सरकार का तरीका कारगर साबित हुआ है।’ एफआईसीसीआई के एक कार्यक्रम से इतर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने यह बयान दिया।
मीडिया द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या दिनेश्वर शर्मा की नियुक्ति से घाटी में सैन्य ऑपरेशन पर कुछ असर पड़ेगा? उन्होंने कहा, ‘मेरा एक शब्द में जवाब नहीं है। बिल्कुल भी असर नहीं पड़ेगा।’
गौरतलब है कि सोमवार को जम्मू-कश्मीर समस्या के समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने नए वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा को नियुक्त किया। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि इंटेलीजेंस ब्यूरो के पूर्व प्रमुख दिनेश्वर को जम्मू-कश्मीर मामले में सभी समूहों से बातचीत करने की जिम्मेदारी दी गई है।