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आईआईपीएम के निदेशक अरिंदम चौधरी गिरफ्तार, 23 करोड़ रुपये के दावे का नहीं किया भुगतान
Sun, 23 Aug 2020 12:16 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Sneha Baluni
Updated Sun, 23 Aug 2020 12:16 PM IST
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अरिंदम चौधरी (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ प्लानिंग एंड मैनेजमेंट (आईआईपीएम) के निदेशक अरिंदम चौधरी को 21 अगस्त को सीजीएसटी दक्षिण दिल्ली आयुक्तालय ने गिरफ्तार किया है। सूत्रों के अनुसार उन्हें वित्त अधिनियम की धारा 89 के तहत गिरफ्तार किया गया है।
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चौधरी को लगभग 23 करोड़ रुपये के क्रेडिट सेवा कर के केंद्रीय मूल्य वर्धित कर (सीईएनवीएटी) के कथित दावे का भुगतान न करने की वजह से गिरफ्तार किया गया है। चौधरी के सहयोगी, गुरुदास मलिक ठाकुर को भी इसी धारा के तहत गिरफ्तार करके 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
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दोनों को पटियाला हाउस कोर्ट में ड्यूटी मजिस्ट्रेट ज्योति माहेश्वरी के समक्ष पेश किया गया। सूत्रों ने बताया कि जांच चल रही है और दिल्ली सहित अन्य शहरों और विदेशों में चौधरी और उनकी कंपनी की संपत्तियों को इसमें कवर किया जाएगा। चौधरी और ठाकुर को तीन सितंबर, 2020 को अदालत में पेश किया जाएगा।
हालांकि यह पहली बार नहीं है जब चौधरी कानून के दायरे में आए हैं। इससे पहले उन्हें 14 मार्च को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें जमानत दे दी गई थी। तब उन्हें कथित रूप से एक जाली चिकित्सा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की वजह से गिरफ्तार किया गया था। दरअसल, पिछले साल जब पुलिस ने उन्हें 2016 के एक मामले में जांच में शामिल होने को कहा तो उन्होंने जाली चिकित्सा प्रमाण पत्र पेश किया।