फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Arif Mohammad Khan on state assembly resolution against CAA says it has no legal validity

केरल के राज्यपाल बोले- असंवैधानिक है नागरिकता कानून के खिलाफ विधानसभा का प्रस्ताव

Thu, 02 Jan 2020 11:13 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Sneha Baluni Updated Thu, 02 Jan 2020 11:13 AM IST
विज्ञापन
Arif Mohammad Khan on state assembly resolution against CAA says it has no legal validity
आरिफ मोहम्मद खान (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

केरल में पिनराई विजयन के नेतृत्व वाली सरकार ने हाल ही में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को रद्द करने की मांग वाले प्रस्ताव को राज्य विधानसभा से पारित करवा लिया है। साथ ही उनका कहना है कि केरल में यह कानून लागू नहीं होगा। इसे लेकर राज्य के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का कहना है कि इसका कोई कानूनी आधार नहीं हैं। 

विज्ञापन

 


राज्यपाल आरिफ मोहम्मद ने प्रस्ताव को लेकर कहा, 'इस प्रस्ताव का कोी कानूनी या संवैधानिक आधार नहीं है क्योंकि नागरिकता संशोधन कानून पूरी तरह से केंद्र का विषय है। इसका अशल में कोई मतलब नहीं है।' प्रस्ताव को पेश करते हुए विजयन ने कहा था कि सीएए धर्मनिरपेक्ष नजरिए और देश के ताने बाने के खिलाफ है तथा इसमें नागरिकता देने में धर्म के आधार पर भेदभाव होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


विधानसभा में केरल के मुख्यमंत्री ने कहा था, 'केरल में धर्मनिरपेक्षता, यूनानियों, रोमन, अरबों का एक लंबा इतिहास रहा है। हर कोई हमारी भूमि पर पहुंचा है। ईसाई और मुस्लिम शुरुआत में केरल पहुंच गए थे। हमारी परंपरा समावेशिता की है। हमारी विधानसभा को इस परंपरा को जीवित रखने की आवश्यकता है।' विजयन ने विधानसभा को यह भी आश्वासन दिया था कि इस दक्षिणी राज्य में कोई हिरासत केंद्र (डिटेंशन सेंटर) नहीं खोला जाएगा।

डीएमके ने केरल का किया समर्थन, कहा अनुकरण करे सरकार

केरल विधानसभा में नागरिकता संशोधन अधिनियम को खत्म करने के प्रस्ताव को तमिलनाडु की विपक्षी पार्टी डीएमके ने समर्थन किया है। डीएमके ने मंगलवार को सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक से कहा कि तमिलनाडु सरकार केरल का अनुकरण करे और संविधान की रक्षा के लिए विवादास्पद कानून के खिलाफ तमिलनाडु विधानमंडल में इसी तरह का कदम उठाए।



डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने कहा कि केरल का कदम स्वागत योग्य है। डीएमके प्रमुख ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा, इस देश के लोगों की इच्छा है कि हर राज्य विधानसभा को संविधान की बुनियादी विशेषताओं की रक्षा के लिए ऐसा संकल्प अपनाना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed