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आलू भंडारण के लिए टीटीजेड में कोल्ड स्टोरेज को चलाने की मिली मंजूरी
विवेक मिश्रा, नई दिल्ली
Updated Sun, 11 Feb 2018 03:18 AM IST
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किसानों के गुस्से और आलू के संरक्षण व भंडारण की समस्या से निपटने के लिए ताजमहल पर्यावरण संवेदी क्षेत्र ताज ट्रिपेजियम जोन (टीटीजेड) में कोल्ड स्टोरेज को केंद्र सरकार से राहत मिल गई है। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि टीटीजेड क्षेत्र में कोल्ड स्टोरेज को चलाने की मंजूरी दे दी गई है। जल्द ही ताज ट्रिपेजियम जोन प्राधिकरण का अंतिम निर्णय सार्वजनिक किया जाएगा।
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जल्द ताज ट्रिपेजियम जोन प्राधिकरण का अंतिम निर्णय होगा सार्वजनिक
इस मामले पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) से भी सलाह ली गई थी। सीपीसीबी ने बताया है कि उनके जरिए सर्वे में इस बात की पुष्टि हुई है कि कोल्ड स्टोरेज के जरिए वायु प्रदूषण नहीं होता है और ताजमहल को किसी तरह का नुकसान नहीं है। टीटीजेड करीब 10400 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है। यह पर्यावरण संवेदी क्षेत्र है।
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टीटीजेड में आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, हाथरस और एटा जिले शामिल
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण इस पर्यावरण संवेदी क्षेत्र में प्रदूषण फैलाने वाली किसी औद्योगिक इकाई को संचालन की अनुमति नहीं है। टीटीजेड में उत्तर प्रदेश का आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, हाथरस और एटा जिला शामिल है, जबकि राजस्थान का भरतपुर भी इसी पर्यावरण संवेदी क्षेत्र में है।
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उत्तर प्रदेश में कुल 1825 कोल्ड स्टोरेज हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नाराज और असंतुष्ट किसान बीते वर्ष की पैदावार को भी कोल्ड स्टोरेज से नहीं निकाल रहे हैं। जबकि नए फसली वर्ष में भी आलू की बंपर पैदावार हुई है। ऐसे में कोल्ड स्टोरेज की कमी किसानों को परेशान कर रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बड़े स्तर पर आलू का भंडारण किया जाता है।
उत्तर प्रदेश में 2016-17 में रिकॉर्ड 155 लाख टन आलू पैदा हुआ था। वहीं 120 लाख टन आलू करीब 1708 कोल्ड स्टोरेज में भंडारित किया गया था। आलू की घटती हुई कीमतों के चलते इन्हें कोल्ड स्टोरेज से निकाला नहीं गया और कई कोल्ड स्टोरेज ने इन आलू को सड़कों पर फेंकने की भी चेतावनी दी थी।