फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Appointment of judges: SC tells Centre Make sure most of what is expected is done

Appointment of Judges: जजों की नियुक्ति को लेकर शीर्ष अदालत ने केंद्र से कही बड़ी बात, जानें क्या है मामला

Mon, 13 Feb 2023 06:49 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Mon, 13 Feb 2023 06:49 PM IST
सार

शीर्ष अदालत दो याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें से एक में कॉलेजियम द्वारा अनुशंसित नामों को मंजूरी देने में केंद्र द्वारा देरी का आरोप लगाया गया था। इन्ही पर सुनवाई करते हुए शीर्ष विधि अधिकारी की ओर से वकील द्वारा थोड़ा समय मांगे जाने पर न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और अरविंद कुमार की पीठ ने कहा कि 'कृपया यह सुनिश्चित करें कि जो अपेक्षित है, वह पूरा हो गया है।

विज्ञापन
Appointment of judges: SC tells Centre Make sure most of what is expected is done
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : Social Media

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम द्वारा की गई सिफारिशों के आधार पर ही न्यायाधीशों की नियुक्ति और उनके तबादले से जुड़े मुद्दों को पूरा किया जाए। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को केंद्र से इसे सुनिश्चित करने के लिए कहा है। इस दौरान न्यायमूर्ति एस के कौल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि 'कृपया यह सुनिश्चित करें कि जो अपेक्षित है, वह पूरा हो गया है।  

विज्ञापन


शीर्ष अदालत दो याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें से एक में कॉलेजियम द्वारा अनुशंसित नामों को मंजूरी देने में केंद्र द्वारा देरी का आरोप लगाया गया था। इन्ही पर सुनवाई करते हुए शीर्ष विधि अधिकारी की ओर से वकील द्वारा थोड़ा समय मांगे जाने पर न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और अरविंद कुमार की पीठ ने कहा कि 'कृपया यह सुनिश्चित करें कि जो अपेक्षित है, वह पूरा हो गया है। साथ ही अटार्नी जनरल से संपर्क करके जानकारी देने के लिए भी कहा। साथ ही अटार्नी जनरल आर वेंकटरमणी के उपलब्ध नहीं होने पर शीर्ष अदालत ने दोनों याचिकाओं पर सुनवाई 2 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी। 
विज्ञापन


एक याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने पीठ से कहा कि कुछ नियुक्तियां चुनिंदा तरीके से अधिसूचित की जा रही हैं, जबकि कुछ को लंबित रखा जा रहा है। इस पर न्यायमूर्ति कौल ने कहा कि मैं यह मुद्दा पहले ही उठा चुका हूं। मैं कुछ मुद्दों को लेकर चिंतित भी हूं।' गौरतलब है कि इस पीठ के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार भी शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


इस पर प्रशांत भूषण ने कहा कि 'कभी ना कभी, शीर्ष न्यायालय को ऐसा कहने के लिए अपनी शक्ति का उपयोग करना होगा, अन्यथा यह हमेशा चलता रहेगा।

इस दौरान याचिकाकर्ताओं में से एक की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद दातार ने पीठ को बताया कि उन्होंने चार श्रेणियों में विवरण वाला एक चार्ट दायर किया है। इसमें पहला उच्च न्यायालयों में मुख्य न्यायाधीशों की नियुक्ति के बारे में है और कुछ मामलों में नियुक्ति को अधिसूचित किया गया है जबकि अन्य में यह लंबित है।


इससे पहले तीन फरवरी को मामले की सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के तबादले की सिफारिशों को मंजूरी देने में देरी पर नाराजगी जताई थी। पीठ ने कहा था ति यह बेहद गंभीर मुद्दा है। तब अटॉर्नी जनरल ने पीठ को आश्वासन दिया था कि शीर्ष अदालत में पांच न्यायाधीशों की पदोन्नति के लिए पिछले साल दिसंबर की कॉलेजियम की सिफारिश को जल्द ही मंजूरी दे दी जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed