{"_id":"5b6fc5ca42c79263fa433994","slug":"apple-tree-first-grow-in-kazakhstan-then-rest-of-the-country","type":"story","status":"publish","title_hn":"सबसे पहले कजाकिस्तान में उगा सेब का पेड़, फिर पहुंचा बाकी देश","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सबसे पहले कजाकिस्तान में उगा सेब का पेड़, फिर पहुंचा बाकी देश
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 12 Aug 2018 10:59 AM IST
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कहते हैं "एन एप्पल ए डे, कीप्स द डॉक्टर अवे'। यानी अच्छी सेहत के लिए सेब फायदेमंद होते हैं। क्या आप जानते हैं सबसे पहले सेब कहां उगे? वैज्ञानिक मानते हैं कि सेब का सबसे पहला पेड़ मध्य एशियाई देश कजाकिस्तान की पहाड़ियों में लगा था। यहीं से ये बाकी दुनिया तक पहुंचे। इसी जंगली सेब से आज दुनिया भर में सेब की सैकड़ों नस्लें फल-फूल रही हैं।
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कई किस्मों से दुनिया अब भी अनजान
भारत के उत्तरी राज्यों खासतौर पर जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में सेब की कई किस्में पैदा की जाती हैं, मगर वैज्ञानिकों का मानना है कि कजाकिस्तान के पहाड़ी इलाकों में अभी भी सेब की कई किस्में ऐसी हैं जो बाकी दुनिया को नहीं मालूम। वैसे सेब की पहली नस्ल alt147 मालस सिएवर्सी मानी जाती है। ये प्रजाति आज भी कजाकिस्तान के जंगलों में उगती है। जंगलों में इन सेबों के किसान होते हैं जंगली भालू, जो सेब कुतरकर इसके बीज यहां-वहां बिखेर देते हैं।
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चीन-अमेरिका बड़े उत्पादक
कुछ साल पहले यानी वर्ष 2013 में पूरी दुनिया में कुल मिलाकर 8 करोड़ टन सेब पैदा हुआ था। इसमें से भी आधा तो केवल चीन में उत्पादित हुआ। अकेले संयुक्त राज्य अमेरिका में सेब का कारोबार करीब 4 अरब डॉलर का माना जाता है। दरअसल, दुनियाभर में सेब की सैकड़ों नस्लें हैं। सबकी अपनी अपनी पसंद है। किसी को खट्टी-मीठी ग्रैनी स्मिथ नाम की वैराइटी अच्छी लगती है, तो किसी को बेहद मीठे सेब रेड डेलिशस पसंद आते हैं।
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