अर्नब गोस्वामी की हिरासत के लिए पुलिस ने सत्र अदालत में दाखिल की पुनरीक्षण याचिका
रायगढ़ जिले में अलीबाग पुलिस ने आत्महत्या के लिए कथित तौर पर उकसाने के मामले में रिपब्लिक टीवी के संपादक अर्नब गोस्वामी और दो अन्य को न्यायिक हिरासत में भेजने के निचली अदालत के फैसले को सत्र अदालत में चुनौती देते हुए गुरुवार को एक पुनरीक्षण याचिका दायर की।
बुधवार को केस डायरी और अन्य संबंधित दस्तावेजों पर गौर करने के बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सुनयना पिंगले ने कहा कि पहली नजर में अभियोजन मृतक और आरोपी व्यक्तियों के बीच संपर्क को साबित करने में असफल रहा।
मजिस्ट्रेट ने आरोपियों की कंपनियों द्वारा बकाये का कथित रूप से भुगतान नहीं करने के कारण इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक और उनकी मां को आत्महत्या के लिए कथित तौर पर उकसाने के मामले में बुधवार देर रात गोस्वामी और अन्य दो आरोपियों को 18 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था।
पुलिस ने अपनी याचिका में कहा है कि अलीबाग की सीजेएम अदालत ने गोस्वामी और दो अन्य आरोपी फिरोज शेख और नितेश सारदा की हिरासत देने के लिए अभियोजन द्वारा पेश याचिका और जो तथ्य रखे गए, उस पर विचार नहीं करके चूक की है।
पुलिस ने सत्र अदालत से सीजेएम अदालत के आदेश को खारिज करने और तीनों आरोपियों की हिरासत देने का अनुरोध किया। सीजेएम पिंगले ने कहा, आरोपियों की गिरफ्तारी के कारणों पर विचार करने और आरोपियों की दलीलें सुनने के बाद पहली नजर में गिरफ्तारी गैरकानूनी प्रतीत होती है।
उन्होंने कहा, 'ऐसे ठोस सबूत पेश नहीं किए गए हैं जिसके कारण यह अदालत गिरफ्तार किए गए आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेजे।' बता दें कि रायगढ़ पुलिस की एक टीम ने बुधवार सुबह मुंबई में लोअर परेल इलाके में गोस्वामी (47) को उनके घर से गिरफ्तार किया था।
गोस्वामी और दो अन्य आरोपियों फिरोज शेख और नितेश सारदा को मुंबई से करीब 90 किलोमीटर दूर रायगढ़ के अलीबाग में मजिस्ट्रेट पिंगले के सामने पेश किया गया और आरोपियों को 18 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। गोस्वामी को वर्तमान में एक स्थानीय स्कूल में रखा गया है, जो अलीबाग जेल के लिए कोविड-19 केंद्र का काम कर रहा है।
कल होगी गोस्वामी की जमानत याचिका पर सुनवाई
उधर, रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी की जमानत याचिका पर बॉम्बे हाईकोर्ट शुक्रवार को सुनवाई करेगी। हाईकोर्ट ने साफ किया कल अर्नब गोस्वामी को अंतरिम राहत पर भी सुनवाई होगी। न्यायमूर्ति एसएस शिंदे और एमएस कार्णिक की खंडपीठ ने गोस्वामी को इस मामले की शिकायतकर्ता अन्वय नाइक की विधवा अक्षता नाइक को प्रतिवादी बनाने का निर्देश दिया।
पीठ ने कहा, 'मांगी गई अंतरिम राहत पर विचार करने से पहले हमें सभी संबंधित पक्षों को सुनना होगा। हमें शिकायतकर्ता की बात भी सुननी होगी क्योंकि मृतक के परिवार ने जांच को स्थानांतरित करने की याचिका दायर की है।' अदालत ने कहा, 'प्रतिवादी (महाराष्ट्र सरकार और शिकायतकर्ता) जवाब देने के हकदार हैं... हम मांगी गई अंतरिम राहत पर कल गौर करेंगे।'
कारण बताओ नोटिस पर कल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
दूसरी ओर अर्नब गोस्वामी को महाराष्ट्र विधानसभा की ओर से भेजे गए कारण बताओ नोटिस के मामले पर सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को सुनवाई करेगा। अर्नब को यह नोटिस सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु के मामले में उनके कार्यक्रम में बहस के दौरान मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर की गई टिप्पणियों को लेकर जारी किया गया था।
राज्य मानवाधिकार आयोग ने रायगढ़ एसपी को तलब किया
महाराष्ट्र के मानवाधिकार आयोग ने अर्नब गोस्वामी की गिरफ्तारी मामले में रायगढ़ के एसपी को प्रकरण से जुड़े सभी दस्तावेजों के साथ शुक्रवार सुबह 11 बजे पेश होने के लिए नोटिस जारी किया है।
Maharashtra Human Rights Commission issues notice to SP Raigad to be present before it tomorrow by 11 am over the arrest of Republic TV's Arnab Goswami and present entire material records before the Commission
— ANI (@ANI) November 5, 2020
कोर्ट ने पुलिस रिमांड पर नहीं सौंपा
पुलिस ने अलीबाग कोर्ट से गोस्वामी को 14 दिन की रिमांड पर सौंपने का अनुरोध किया, लेकिन अदालत ने कहा कि पुलिस हिरासत में पूछताछ करने की जरूरत नहीं है। उनके वकील गौरव पारकर ने कहा कि ये हमारे लिए बड़ी जीत है। पहले ही दिन एमसीआर (मजिस्ट्रेट कस्टडी रिमांड) दिया गया। पुलिस रिमांड नामंजूर कर दी गई। हमने जमानत अर्जी दाखिल कर दी है। इस पर गुरुवार को बहस होगी।
It's a big victory for us. MCR (magisterial custody remand) is granted on the very first day. Police custody refused & magistrate custody granted. We've filed our bail application, it has been kept for arguments. It will be decided tomorrow: Arnab Goswami's lawyer, Gaurav Parker https://t.co/BDLGJvSNK7 pic.twitter.com/YcDGnmpN7f
— ANI (@ANI) November 4, 2020
पुलिस से मांगा गया जवाब
अदालत द्वारा गोस्वामी को न्यायिक हिरासत में भेजने के बाद उनके वकील आबाद पोंडा और गौरव पारकर ने जमानत के लिए याचिका दाखिल की। वकील पोंडा ने कहा कि अदालत ने पुलिस से अपना जवाब दाखिल करने को कहा है और मामले को बृहस्पतिवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।
रात में अर्नब को थाने में रखा
पोंडा ने बताया कि अलीबाग कोर्ट में कार्यवाही देर तक चलने के कारण गोस्वामी को रात में थाने में रखा गया। गोस्वामी को बुधवार सुबह मुंबई में लोअर परेल आवास से गिरफ्तार किया गया और उन्हें अलीबाग थाना ले जाया गया।
मां-बेटे ने की थी खुदकुशी
पुलिस के एक अधिकारी ने कहा कि अलीबाग पुलिस ने धारा 306 और 34 के तहत गोस्वामी को गिरफ्तार किया। वर्ष 2018 में एक आर्किटेक्ट और उनकी मां ने कथित तौर पर गोस्वामी के रिपब्लिक टीवी द्वारा उनके बकाये का भुगतान न किए जाने के कारण खुदकुशी कर ली थी।
पुलिस पर हाथापाई का आरोप
गोस्वामी के वकील ने पत्रकार के साथ पुलिस द्वारा हाथापाई के आरोप लगाए। इसके बाद अदालत ने पुलिस को चिकित्सा जांच के लिए गोस्वामी को सिविल हॉस्पिटल ले जाने को कहा। मेडिकल रिपोर्ट देखने के बाद अदालत ने आदेश में कहा कि शारीरिक प्रताड़ना के आरोप गलत हैं और आरोपी के हाथ पर मामूली खरोंच हैं।