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ओबीसी का कटऑफ सामान्य से ज्यादा होने पर उठे सवाल, अनुप्रिया ने बताया आरक्षण की अवधारणा का उल्लंघन
Thu, 05 Dec 2019 10:26 PM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Thu, 05 Dec 2019 10:26 PM IST
सार
- यूपी होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारियों की परीक्षा में सामने आया मामला
- अमर उजाला में छपी खबर को लोकसभा में उठाया
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Anupriya patel
- फोटो : Twitter
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विस्तार
यूपी के होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति में ओबीसी श्रेणी का कटऑफ सामान्य वर्ग से ज्यादा होने संबंधी अमर उजाला में छपी खबर का मामला उठा। अपना दल की सांसद अनुप्रिया पटेल ने इसे आरक्षण प्रावधानों का उल्लंघन बताते हुए ऐसी स्थिति में सभी शर्तों को खत्म करते हुए आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थी को सामान्य वर्ग श्रेणी के कोटे में नौकरी देने की मांग की।
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पटेल ने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो आरक्षित वर्ग संविधान प्रदत्त आरक्षण के अधिकार से वंचित हो जाएगा। सांसद ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की व्यवस्था है कि अगर आरक्षिण श्रेणी का अभ्यर्थी सामान्य श्रेणी के कटऑफ के समान या उससे ज्यादा अंक लाता है तो ऐसे अभ्यर्थी को सामान्य श्रेणी के कोटे में नौकरी मिलनी चाहिए। हालांकि मुख्य समस्या ऐसे अभ्यर्थी द्वारा आवेदन के दौरान किसी तरह का आरक्षण से संबंधित लाभ न लेने की शर्त भी जोड़ी गई है।
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चूंकि आरक्षित वर्ग के लोग अभी भी आर्थिक रूप से सक्षम न होने के साथ समान अवसर से वंचित हैं। ऐसे में इस वर्ग के अभ्यर्थी उम्र सीमा छूट, परीक्षा फीस छूट का लाभ लेने के लिए मजबूर हैं। ऐसे में संविधान प्रदत्त आरक्षण के प्रावधान की आत्मा की रक्षा के लिए इससे जुड़ी इस शर्त को हटाया जाना चाहिए। अगर आरक्षित वर्ग को नौकरी हासिल करने के लिए सामान्य वर्ग से ज्यादा अंक लाने होंगे तब आरक्षण की मूल अवधारणा कैसे बचेगी।
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