{"_id":"60520171dab7e165cd22f05b","slug":"antilia-case-nia-interrogated-api-riyazuddin-qazi-continuously-fourth-day","type":"story","status":"publish","title_hn":"एंटीलिया मामला: सहायक पुलिस निरीक्षक काजी से लगातार चौथे दिन हुई पूछताछ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
एंटीलिया मामला: सहायक पुलिस निरीक्षक काजी से लगातार चौथे दिन हुई पूछताछ
Wed, 17 Mar 2021 06:48 PM IST
गौरव पाण्डेय
पीटीआई, मुंबई
पीटीआई, मुंबई
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Wed, 17 Mar 2021 06:48 PM IST
विज्ञापन
NIA (सांकेतिक तस्वीर)
एनआईए (राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण) ने मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के निकट विस्फोटक से लदी एसयूवी मिलने से संबंधित मामले में बुधवार को लगातार चौथे दिन मुंबई पुलिस की अपराध शाखा के अधिकारी रियाजुद्दीन काजी से पूछताछ की। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि अपराध शाखा के एक और सहायक पुलिस निरीक्षक प्रकाश होवाल भी दोपहर के समय यहां जांच एजेंसी के समक्ष पेश हुए ।
विज्ञापन
एनआईए ने वाजे द्वारा इस्तेमाल की गई एक मर्सिडीज कार को मंगलवार को जब्त करके उसमें से पांच लाख रुपये बरामद किए थे। साथ ही जांच एजेंसी ने उनके कार्यालय में तलाशी के दौरान अपराध में इस्तेमाल किए गए दस्तावेज भी बरामद किए थे। सचिन वाजे दक्षिण मुंबई में उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के निकट 25 फरवरी को विस्फोटक से लदी स्कॉर्पियो कार मिलने के मामले में एनआईए द्वारा की जा रही जांच के केंद्र में है।
विज्ञापन
एनआईए ने बुधवार को लगातार चौथे दिन मुंबई पुलिस की अपराध खुफिया इकाई में सहायक निरीक्षक रियाजुद्दीन काजी से पूछताछ की। काजी ने अंबानी के घर के निकट विस्फोटक मिलने के दो दिन बाद 27 फरवरी को ठाणे के साकेत इलाके में आवासीय सोसाइटी से सीसीटीवी के डिजिटल वीडियो रिकॉर्ड (डीवीआर) एकत्रित किए थे। उल्लेखनीय है कि गिरफ्तार किया गया सचिन वाजे भी इसी आवासीय सोसाइटी में रहता है।
विज्ञापन
इससे पहले अधिकारी ने कहा था कि एनआईए को संदेह है कि डीवीआर उन सबूतों को मिटाने के लिए एकत्रित किए गए, जिनके सामने आने पर वाजे फंस सकता था। तलाशी के दौरान डीवीआर को जब्त कर लिया गया। मुकेश अंबानी के घर के निकट मिली विस्फोटक से भरी स्कॉर्पियो कार के मालिक और कारोबारी मनसुख हिरेन की पत्नी ने आरोप लगाया था कि एपीआई सचिन वाजे ने कुछ समय के लिए उस कार का इस्तेमाल किया था।
उल्लेखनीय है कि मनसुख हिरेन ने दावा किया था कि उसकी कार कुछ दिन पहले चोरी हो गई थी। इसके बाद हिरेन की रहस्यमयी हालत में मौत हो गई और उनका शव ठाणे में मिला था। अधिकारी ने दावा किया कि एसयूवी में मिली फर्जी नंबर प्लेट कथित रूप से काजी ने ही खरीदी थी। मनसुख हिरन की मौत के बाद मामले की जांच एनआईए को सौंप दी गई थी। इस मामले को लेकर महाराष्ट्र में बड़ा राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है।