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अनुच्छेद 35ए की संविधानिक वैधता के खिलाफ एक और याचिका दायर, सुप्रीम कोर्ट सुनवाई पर राजी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Updated Sat, 25 Aug 2018 01:57 AM IST
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article 35a
- फोटो : Demo photo
एकजुट जम्मू नामक एनजीओ ने संविधान के अनुच्छेद 35ए की संविधानिक वैधता को चुनौती देने के लिए दखल याचिका दायर की है। सुप्रीम कोर्ट इस पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष शुक्रवार को एनजीओ के चेयरमैन अंकुर शर्मा द्वारा दायर याचिका का उल्लेख करते हुए इस पर सुनवाई की अपील की गई। पीठ ने आग्रह को स्वीकार करते हुए इस पर मुख्य मामले के साथ अगले हफ्ते सुनवाई का निर्णय लिया।
याचिका में अनुच्छेद 35ए को असंविधानिक करार देने की अपील की गई है। याचिका में कहा गया है कि यह प्रावधान समानता की कसौटी पर खरा नहीं उतरता है, यह असमानता को बढ़ावा देने वाला है। इससे क्षेत्रवाद, प्रांतवाद और मतभेद को बढ़ावा मिलता है। साथ ही यह प्रावधान दो राष्ट्र की थ्योरी वाला है। यह प्रावधान सुनिश्चित करता है कि जम्मू एवं कश्मीर विधानसभा का चरित्र इस्लामिक ही रहे। इस महीने की शुरुआत में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अनुच्छेद 35ए के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
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याचिका में अनुच्छेद 35ए को असंविधानिक करार देने की अपील की गई है। याचिका में कहा गया है कि यह प्रावधान समानता की कसौटी पर खरा नहीं उतरता है, यह असमानता को बढ़ावा देने वाला है। इससे क्षेत्रवाद, प्रांतवाद और मतभेद को बढ़ावा मिलता है। साथ ही यह प्रावधान दो राष्ट्र की थ्योरी वाला है। यह प्रावधान सुनिश्चित करता है कि जम्मू एवं कश्मीर विधानसभा का चरित्र इस्लामिक ही रहे। इस महीने की शुरुआत में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अनुच्छेद 35ए के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
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