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अन्ना हजारे ने संघ के इशारे पर उठाया लोकपाल का मुद्दाः पवार
amarujala.com- presented by: संदीप भट्ट
Updated Sat, 02 Sep 2017 06:29 PM IST
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मराठा छत्रप शरद पवार की नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने आरोप लगाया है कि अन्ना हजारे ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कहने पर लोकपाल का मुद्दा उठाया है।
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इस हफ्ते की शुरुआत में जाने माने सामाजिक कार्यकर्ता हजारे ने केंद्र में लोकपाल और राज्यों में लोकायुक्त की नियुक्ति में देरी के खिलाफ आंदोलन की धमकी देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है। हजारे ने अपनी चिट्ठी में किसानों की दुर्दशा के मद्देनजर स्वामीनाथन समिति की सिफारिशों को लागू किए जाने की भी मांग की है।
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हजारे की इस चिट्ठी पर प्रतिक्रिया जताते हुए एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि हजारे साढ़े तीन साल की नींद के बाद जगे हैं और संघ के निर्देश पर सक्रियता दिखाते हुए लोकपाल व लोकायुक्त की नियुक्ति और स्वामीनाथन समिति की सिफारिशों पर अमल का मुद्दा उछाला है।
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जबकि लोकपाल का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। केंद्र का कहना है कि नेता विपक्ष का पद खाली है इसलिए लोकपाल की नियुक्ति नहीं की जा सकती है। जैसे ही इस केस का फैसला होगा, लोकपाल की नियुक्ति कर दी जाएगी। हजारे ठीक इसी समय आंदोलन की धमकी देकर संघ के समर्थन से अपनी छवि चमकाने की कोशिश कर रहे हैं। यह पूर्वनियोजित ड्रामा है जिसका राज जल्दी ही खुल जाएगा।
मालूम हो कि हजारे ने पीएम को लिखी अपनी चिट्ठी में कहा है कि लोकपाल और लोकायुक्त की नियुक्ति से भ्रष्टाचार में 50 से 60 फीसदी की कमी आएगी। इसके बावजूद इस दिशा में कोई कोशिश नहीं हो रही है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा है कि ऐसे में देश से भ्रष्टाचार कैसे दूर होगा।