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पहले अर्नब, फिर मुरासु का कहर: आंध्र में ₹1,919 करोड़ का नुकसान, सीएम चंद्रबाबू ने केंद्र से क्या मदद मांगी?
Fri, 06 Nov 2026 09:50 PM IST
राकेश कुमार
पीटीआई, अमरावती।
पीटीआई, अमरावती।
Published by: राकेश कुमार
Updated Fri, 06 Nov 2026 09:50 PM IST
सार
आंध्र प्रदेश में एक सप्ताह के भीतर आए दो चक्रवातों ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर तत्काल अंतरिम आर्थिक सहायता देने की मांग की है। उन्होंने चक्रवात मुरासु से 1,919.59 करोड़ रुपये के नुकसान का शुरुआती अनुमान जताया है।
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सीएम चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र सरकार से मांगी मदद
- फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से राज्य के लिए तत्काल आर्थिक मदद मांगी। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह के भीतर दो चक्रवातों की मार झेलने वाले राज्य में भारी बारिश और तेज हवाओं से बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। बिजली व्यवस्था, सड़कों और दूसरी जरूरी सुविधाओं को भी नुकसान पहुंचा है। नायडू ने अपने पत्र में चक्रवात मुरासु से 1,919.59 करोड़ रुपये के नुकसान का शुरुआती आकलन दिया है।
सात दिन में दो चक्रवात, हजारों किसान बेहाल!
नायडू के मुताबिक, राज्य 27 अक्तूबर को आए चक्रवात अर्नब से हुए नुकसान से उबरने की कोशिश कर ही रहा था कि मुरासु ने दस्तक दे दी। इससे किसानों और मछुआरों को एक ही मौसम में दो बार नुकसान उठाना पड़ा। मुरासु के कारण 1.43 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फसलें बर्बाद हुई हैं। इससे 1.86 लाख से ज्यादा किसान प्रभावित हुए हैं। कृषि क्षेत्र में करीब 875 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है।
बागवानी फसलों को भी भारी नुकसान
बागवानी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। करीब 6,504 हेक्टेयर में फसलें प्रभावित हुई हैं और 12,178 किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है। इस क्षेत्र में 337 करोड़ रुपये के नुकसान का शुरुआती अनुमान है। इसके अलावा पशुपालन, मत्स्य पालन, आवास, सिंचाई, बिजली, पंचायत राज, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में भी नुकसान हुआ है।
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यह भी पढ़ें: अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: भारत की सबा ने रचा इतिहास, इलिनॉयस विधानसभा पहुंचने वाली पहली दक्षिण एशियाई महिला बनीं
सीएम ने क्या-क्या कहा?
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद नुकसान का विस्तृत आकलन कराया जाएगा। अगले 15 दिनों के भीतर इसकी पूरी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी। उन्होंने गृह मंत्रालय से किसानों, मछुआरों, मकान गंवाने वाले परिवारों और दूसरे प्रभावित लोगों के लिए तत्काल अंतरिम सहायता जारी करने की मांग की है। साथ ही जरूरी सेवाओं और बुनियादी ढांचे को जल्द बहाल करने में मदद मांगी है।
चक्रवात मुरासु मंगलवार को ओंगोल के पास आंध्र प्रदेश के तट से टकराया था। यह इलाका नेल्लोर और नरसापुर के बीच स्थित है। अधिकारियों के मुताबिक, इस चक्रवात में आठ लोगों की मौत हुई। इससे पहले चक्रवात अर्नब ने राज्य के कई हिस्सों, खासकर तटीय जिलों में भारी बारिश की थी। इस दौरान पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए थे, जबकि सड़कों को भी नुकसान पहुंचा था। बिजली का करंट लगने समेत अन्य घटनाओं में पांच लोगों की जान गई थी।
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सात दिन में दो चक्रवात, हजारों किसान बेहाल!
नायडू के मुताबिक, राज्य 27 अक्तूबर को आए चक्रवात अर्नब से हुए नुकसान से उबरने की कोशिश कर ही रहा था कि मुरासु ने दस्तक दे दी। इससे किसानों और मछुआरों को एक ही मौसम में दो बार नुकसान उठाना पड़ा। मुरासु के कारण 1.43 लाख हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फसलें बर्बाद हुई हैं। इससे 1.86 लाख से ज्यादा किसान प्रभावित हुए हैं। कृषि क्षेत्र में करीब 875 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है।
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बागवानी फसलों को भी भारी नुकसान
बागवानी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। करीब 6,504 हेक्टेयर में फसलें प्रभावित हुई हैं और 12,178 किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है। इस क्षेत्र में 337 करोड़ रुपये के नुकसान का शुरुआती अनुमान है। इसके अलावा पशुपालन, मत्स्य पालन, आवास, सिंचाई, बिजली, पंचायत राज, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में भी नुकसान हुआ है।
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सीएम ने क्या-क्या कहा?
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद नुकसान का विस्तृत आकलन कराया जाएगा। अगले 15 दिनों के भीतर इसकी पूरी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपी जाएगी। उन्होंने गृह मंत्रालय से किसानों, मछुआरों, मकान गंवाने वाले परिवारों और दूसरे प्रभावित लोगों के लिए तत्काल अंतरिम सहायता जारी करने की मांग की है। साथ ही जरूरी सेवाओं और बुनियादी ढांचे को जल्द बहाल करने में मदद मांगी है।
चक्रवात मुरासु मंगलवार को ओंगोल के पास आंध्र प्रदेश के तट से टकराया था। यह इलाका नेल्लोर और नरसापुर के बीच स्थित है। अधिकारियों के मुताबिक, इस चक्रवात में आठ लोगों की मौत हुई। इससे पहले चक्रवात अर्नब ने राज्य के कई हिस्सों, खासकर तटीय जिलों में भारी बारिश की थी। इस दौरान पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए थे, जबकि सड़कों को भी नुकसान पहुंचा था। बिजली का करंट लगने समेत अन्य घटनाओं में पांच लोगों की जान गई थी।