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AP Liquor Scam: जब्त नकदी पर विवाद; आरोपी का दावा- जून 2024 के बाद छपे जब्त हुए नोट, जांच एजेंसी पर गंभीर आरोप

Sun, 03 Aug 2025 12:13 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Sun, 03 Aug 2025 12:13 AM IST
सार

कथित शराब घोटाले के आरोपी राजा शेखर रेड्डी ने अदालत में ज्ञापन दायर कर कहा है कि पुलिस ने जो 11 करोड़ रुपये की नकदी बरामद की है, वो असली नहीं है, बल्कि पुलिस ने बाद में रखी है। उन्होंने अपील की है कि अदालत नोटों की छपाई की तारीख की जांच करवाए और सबूतों से छेड़छाड़ न हो, इसके लिए बैंक और पुलिस को साफ निर्देश दे।

 

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Andhra Pradesh liquor scam accused says notes printed after June 2024 seized police claim hidden earlier
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

विस्तार

आंध्र प्रदेश में पिछली वाईएसआरसीपी सरकार के समय हुए 3,200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले के मुख्य आरोपी कासिरेड्डी राजा शेखर रेड्डी ने अदालत में एक ज्ञापन देकर शक जताया है कि पुलिस ने हैदराबाद के पास जो 11 करोड़ रुपये जब्त किए हैं, वे नोट जून 2024 के बाद छापे गए थे, जबकि पुलिस का कहना है कि वो रकम इससे पहले ही छिपा दी गई थी।

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30 जुलाई को, कथित शराब घोटाले की जांच कर रही आंध्र प्रदेश पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने एक आरोपी वरुण पुरुषोत्तम के बयान के आधार पर हैदराबाद के पास एक फार्महाउस से 11 करोड़ रुपये नकद बरामद किए। लेकिन आरोपी नंबर 1 राजा शेखर रेड्डी का कहना है कि पुलिस ने ये नकदी खुद प्लांट की है। 
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आरोपी रेड्डी ने अदालत से ये की अपील
शनिवार को अदालत में दायर किए गए ज्ञापन में रेड्डी ने अपील की है कि नोटों के सीरियल नंबर रिकॉर्ड किए जाएं और वीडियो फुटेज अदालत में पेश की जाए। एक एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया जाए, जो देखे कि नोट असली हैं या नहीं। पुलिस नोटों को बदल न पाए, इसलिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) को निर्देश दिया जाए कि जब्त की गई रकम को अलग ही रखा जाए, किसी और नकदी के साथ न मिलाया जाए। राजा शेखर रेड्डी ने अदालत से जब्त किए गए धन पर नजर रखने के लिए आवश्यक अन्य कदम उठाने का अनुरोध किया। 


जांच अधिकारी ने कहा- एक अगस्त को ही जमा कर दी गई थी नकदी
मेमो के अनुसार, जांच अधिकारी श्रीहरि व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश हुए। उन्होंने बताया कि नकदी 1 अगस्त को ही एसबीआई की मचावरम शाखा में जमा कर दी गई थी। राजा शेखर रेड्डी ने अदालत को दिए अपने ज्ञापन में दावा किया, 'यह पता चला है कि जांच एजेंसी ने अभी तक नकदी बैंक में जमा नहीं की है और ए1 द्वारा व्यक्त किए गए संदेह और गड़बड़ी को देखते हुए, जांच एजेंसी सबूतों को बदलने, छेड़छाड़ करने और पर्दा डालने के लिए नोटों को बदलने के लिए जल्दबाजी में प्रयास कर रही है।'

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एसबीआई प्रबंधक को जब्त नकदी को यथावत रखने का दिया जाए निर्देश
राजा शेखर रेड्डी ने अदालत को बताया कि अगर एसआईटी को नोट बदलने की अनुमति दी जाती है, तो उनके साथ बहुत अन्याय और कठिनाई होगी। इन परिस्थितियों में, न्याय के हित में यह उचित होगा कि जांच एजेंसी को निर्देश दिया जाए कि वह विजयवाड़ा स्थित एसबीआई मचावरम शाखा के प्रबंधक को जब्त किए गए नोटों को यथावत रखने और बैंक में उपलब्ध अन्य नोटों के साथ उन्हें मिलाने से बचने का निर्देश दे। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि जब्त किए गए नोटों को अन्य नोटों के साथ मिलाने से जांच प्रक्रिया पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

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