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फैसला: आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने तीन आईएएस अफसर को सुनाई एक महीने जेल की सजा
Sat, 07 May 2022 03:35 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, अमरावती
एजेंसी, अमरावती
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 07 May 2022 03:35 AM IST
सार
कोर्ट ने अक्तूबर 2019 में सरकारी प्राधिकारियों को एक उम्मीदवार को ग्रामीण कृषि सहायक पद पर नियुक्त करने का फैसला देते हुए दो सप्ताह में उचित आदेश जारी करने के लिए कहा था मगर ऐसा नहीं किया गया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने शुक्रवार को तीन आईएएस अधिकारियों के अवमानना के आरोप में एक महीने जेल और 2 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जस्टिस बी देवानंद ने राज्य के विशेष मुख्य सचिव (कृषि) पूनम मालाकोंडैया, पूर्व विशेष कृषि आयुक्त एच अरुण कुमार और कुर्नुल के पूर्व जिला कलेक्टर जी वीरापांडियन को कोर्ट के आदेश की अवहेलना करने और तय समय में आदेश का पालन न करने के आरोप में यह सजा सुनाई।
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कोर्ट ने अक्तूबर 2019 में सरकारी प्राधिकारियों को एक उम्मीदवार को ग्रामीण कृषि सहायक पद पर नियुक्त करने का फैसला देते हुए दो सप्ताह में उचित आदेश जारी करने के लिए कहा था मगर ऐसा नहीं किया गया।
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याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट के आदेश को लागू करने में विफल रहने के लिए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अवमानना का मामला दायर किया था। नवंबर 2020 में अवमानना याचिका दायर किए जाने के बाद ही सरकारी अधिकारियों ने याचिकाकर्ता को ग्राम कृषि सहायक (ग्रेड -2) के पद के लिए दिसंबर 2020 में अयोग्य घोषित कर दिया था।
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अवमानना मामले में प्रतिवादियों द्वारा किए गए प्रस्तुतीकरण का उल्लेख करते हुए, न्यायाधीश ने टिप्पणी की कि अधिकारी सही मायने में अदालत के आदेश को लागू करने में विफल रहे और जब प्रतिवादियों के वकील ने अदालत से सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों पर कोई सजा थोपने से बचने के लिए कहा, तो न्यायमूर्ति देवानंद ने कहा, "मुझे असहमत होने में असमर्थता व्यक्त करनी चाहिए"।
न्यायाधीश ने कहा यह प्रतिवादियों पर निर्भर है, विशेष रूप से जो सरकार में वरिष्ठ पदों पर हैं, यह सुनिश्चित करने के लिए कि इस अदालत के आदेशों का अनुपालन शीघ्रता से किया जाता है और इसका अनुपालन निर्धारित समय के भीतर किया जाए। न्यायमूर्ति देवानंद ने पूनम मलकोंडैया को 13 मई को या उससे पहले उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार (न्यायिक) के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया।