{"_id":"63b3c5fc9dd2462e567d1ec9","slug":"andhra-pradesh-government-prohibits-meetings-rallies-on-roads","type":"story","status":"publish","title_hn":"Andhra Pradesh: आंध्र प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, सड़कों पर रैली और जनसभा के आयोजन पर लगाई रोक","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Andhra Pradesh: आंध्र प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, सड़कों पर रैली और जनसभा के आयोजन पर लगाई रोक
Tue, 03 Jan 2023 11:36 AM IST
संजीव कुमार झा
पीटीआई, अमरावती
पीटीआई, अमरावती
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Tue, 03 Jan 2023 11:36 AM IST
सार
आंध्रप्रदेश के प्रधान सचिव ने 28 दिसंबर को हुई कंदुकुरु घटना पर प्रकाश डाला और कहा कि सार्वजनिक सड़कों और सड़क के किनारों पर बैठकें आयोजित करने से मौतें हो रही हैं और यातायात बाधित हो रहा है।
विज्ञापन
आंध्र प्रदेश में सड़क पर रैली के आयोजन पर लगी रोक
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आंध्र प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक सुरक्षा का हवाला देते हुए राष्ट्रीय राजमार्गों सहित सड़कों पर जनसभाओं और रैलियों के आयोजन पर रोक लगा दी है। यह आदेश मुख्य विपक्षी तेलुगू देशम पार्टी द्वारा पिछले सप्ताह कंदुकुरु में आयोजित एक रैली में हुई भगदड़ के बाद आया है, जिसमें आठ लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस अधिनियम, 1861 के प्रावधानों के तहत सोमवार देर रात निषेधाज्ञा जारी की गई।
विज्ञापन
सरकार ने अपने आदेश में उल्लेख किया कि सार्वजनिक सड़कों और सड़कों पर एक सार्वजनिक सभा आयोजित करने का अधिकार पुलिस अधिनियम, 1861 की धारा 30 के अनुसार ही नियमन का विषय है। शासनादेश में प्रधान सचिव (गृह) हरीश कुमार गुप्ता ने संबंधित जिला प्रशासन और पुलिस तंत्र को जनसभाओं के संचालन के लिए सार्वजनिक सड़कों से दूर निर्दिष्ट स्थानों की पहचान करने के लिए कहा, जो यातायात, सार्वजनिक आवाजाही, आपातकालीन सेवाओं के प्रवाह को बाधित नहीं करते हैं।
विज्ञापन
प्रमुख सचिव ने कहा कि प्राधिकारियों को सार्वजनिक सड़कों की सभाओं की अनुमति देने से बचना चाहिए। केवल दुर्लभ और असाधारण परिस्थितियों में सार्वजनिक सभाओं की अनुमति पर विचार किया जा सकता है, लिखित कारणों के साथ। प्रधान सचिव ने 28 दिसंबर को हुई कंदुकुरु घटना पर प्रकाश डाला और कहा कि सार्वजनिक सड़कों और सड़क के किनारों पर बैठकें आयोजित करने से मौतें हो रही हैं और यातायात बाधित हो रहा है। उन्होंने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने में पुलिस को काफी समय लगता है। वहीं विपक्षी दलों ने सरकार के फैसले की निंदा की है और जीओ को "अत्याचारी" कहा है।
विज्ञापन