फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Andaman MP seeks Union Home Minister's intervention for 'Local Certificate' statutory framework

Bishnu Pada Ray: 'स्थानीय प्रमाणपत्र' प्रणाली को मिले कानूनी दर्जा', अंडमान सांसद का गृहमंत्री शाह से आग्रह

Fri, 25 Jul 2025 03:52 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पोर्ट ब्लेयर।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पोर्ट ब्लेयर। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 25 Jul 2025 03:52 PM IST
सार

Bishnu Pada Ray: अंडमान-निकोबार के सांसद बिष्णु पाड़ा रे ने 'स्थानीय प्रमाणपत्र' को कानूनी दर्जा देने के लिए गृहमंत्री अमित शाह से आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 1992 में इसके वैधानिक आधार न होने पर इसे रद्द कर दिया था, जिससे स्थानीय युवाओं को नौकरियों पर बुरा असर हुआ। सांसद ने लद्दाख मॉडल की तर्ज पर अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के लिए भी कानूनी व्यवस्था की मांग की है।

विज्ञापन
Andaman MP seeks Union Home Minister's intervention for 'Local Certificate' statutory framework
बिष्णु पाड़ा रे - फोटो : एक्स/बिष्णु पाड़ा रे

विस्तार

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के सांसद बिष्णु पाड़ा रे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से 'स्थानीय प्रमाणपत्र' प्रणाली को कानूनी रूप देने का आग्रह किया किया है। गृह मंत्रालय ने 1984 में एक निर्देश के तहत 'स्थानीय प्रमाणपत्र' की प्रणाली शुरू की थी। यह प्रमाणपत्र सरकारी नौकरी और उच्च शिक्षा के लिए जरूरी दस्तावेजों में से एक था। लेकिन 1992 में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार बनाम संजय पंत मामले में इस प्रणाली को खारिज कर दिया था, क्योंकि इसके लिए कोई वैधानिक आधार नहीं था। इससे द्वीपवासियों को नौकरी में मिलने वाले स्थानीय आरक्षण का अधिकार कानूनी रूप से समाप्त हो गया।

विज्ञापन


पाडा रे के कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, 22 जुलाई को भेजे गए पत्र में सांसद ने अमित शाह को याद दिलाया कि सात फरवरी 2025 को भी उन्होंने इस मुद्दे को उठाया था। उन्होंने बताया कि स्थानीय प्रमाणपत्र की कानूनी मान्यता न होने से द्वीपों के दूरदराज और पिछड़े इलाकों के युवाओं के रोजगार पर बुरा असर पड़ रहा है। 
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: YSRCP ने खारिज की तिरुपति मंदिर भगदड़ पर न्यायिक आयोग की रिपोर्ट, CBI जांच की उठाई मांग
विज्ञापन
विज्ञापन


सांसद ने 'लद्दाख निवासी प्रमाण पत्र आदेश, 2021' का हवाला देते हुए कहा कि जैसे लद्दाख में स्थानीय निवासियों को परिभाषित कर वहां के लोगों को नौकरियों में प्राथमिकता दी गई, वैसा ही कदम अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के लिए भी उठाया जाना चाहिए। 
  
सांसद ने कहा, मैं आपका ध्यान इस पर आकर्षित करना चाहता हूं कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के लिए 'स्थानीय' की एक वैधानिक परिभाषा दी जाए और संविधान के अनुच्छेद 16 (4) के तहत स्थानीय लोगों को नौकरी में आरक्षण या प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने आगे कहा, यह कदम द्वीप वासियों को राहत देगा और अंडमान-निकोबार को लद्दाख के समान स्तर पर लाएगा, जहां स्थानीय लोगों के रोजगार की रक्षा को प्राथमिकता दी गई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed