फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Analysis: Center and states need to work together on deputation of IAS officers for good governance, former cabinet secretary BK Chaturvedis Opinion

विश्लेषण : सुशासन के लिए केंद्र और राज्यों को आईएएस प्रतिनियुक्ति मामले में साथ काम करने की आवश्यकता

Wed, 26 Jan 2022 05:58 AM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: योगेश साहू Updated Wed, 26 Jan 2022 05:58 AM IST
सार

केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के लिए पहले अधिकारियों में एक आकर्षण हुआ करता था। इसे अधिकारी की योग्यता के रूप में देखा जाता था। चयन प्रक्रिया कठिन थी। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए अधिकारियों की इस अनुपलब्धता का एक कारण करीब डेढ़ दशक पहले के कुछ वर्षों में अधिकारियों की अपर्याप्त भर्ती थी।

विज्ञापन
Analysis: Center and states need to work together on deputation of IAS officers for good governance, former cabinet secretary BK Chaturvedis Opinion
नौकरशाहों के वाहन - फोटो : File

विस्तार

केंद्र सरकार के विभिन्न स्तरों पर आईएएस अधिकारियों की कमी को पूरा करने के लिए आईएएस सेवा नियमों में संशोधन के भारत सरकार के प्रस्तावित कदम को लेकर कई राज्य सरकारों की गंभीर चिंताओं का हाल की मीडिया रिपोर्टों में जिक्र किया गया है। वर्तमान व्यवस्था के तहत, राज्यों से अधिकारी स्वेच्छा से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति का विकल्प चुनते हैं। केंद्र इन अधिकारियों में से रिक्त पदों के लिए या निकट भविष्य में रिक्त होने वाले पदों के लिए चयन करता है। 

विज्ञापन


ऐसा करते समय केंद्र, अधिकारी के पिछले अनुभव के आधार पर उसकी उपयुक्तता पर विचार करता है। एक बार चयन को अंतिम रूप देने के बाद, राज्य सरकार से संबंधित अधिकारी को कार्यमुक्त करने का अनुरोध करते हुए आदेश जारी किए जाते हैं। प्रत्येक राज्य का एक निश्चित कोटा होता है, जिससे ज्यादा उसके अधिकारियों को केंद्र द्वारा स्वीकार नहीं किया जाता है।
विज्ञापन


केंद्रीय प्रतिनियुक्ति का विकल्प चुनने वालों में आई गिरावट
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति का विकल्प चुनने वाले अधिकारियों की संख्या में पिछले दशक में क्रमिक गिरावट आई है। 60 के दशक में जहां अवर सचिव स्तर पर भी कई आईएएस अधिकारी होते थे, वहीं, वर्तमान में केंद्र सरकार के लिए संयुक्त सचिव स्तर पर भी पर्याप्त संख्या में अधिकारियों का मिलना मुश्किल होता जा रहा है। आमतौर पर, राज्यों की कुल संवर्ग संख्या में से लगभग 25 से 30 प्रतिशत अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हुआ करते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन


पहले केंद्रीय प्रतिनियुक्ति योग्यता की पहचान
केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने के लिए पहले अधिकारियों में एक आकर्षण हुआ करता था। इसे अधिकारी की योग्यता के रूप में देखा जाता था। चयन प्रक्रिया कठिन थी। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए अधिकारियों की इस अनुपलब्धता का एक कारण करीब डेढ़ दशक पहले के कुछ वर्षों में अधिकारियों की अपर्याप्त भर्ती थी। लेकिन एक महत्वपूर्ण कारण है- राज्यों के पास तुलनात्मक रूप से बेहतर सेवा शर्तें हैं।

राज्य व केंद्र में अधिकारियों की कमी में संतुलन की जरूरत
नियमों में किसी भी बदलाव के पहले यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि केंद्र और राज्यों में अधिकारियों की कमी में संतुलन रहे। यदि राज्य में अधिकारियों की कमी है, तो केंद्र को इसे स्वीकार करना चाहिए और वर्ष की शुरुआत में राज्य के साथ एक उचित व्यवस्था करनी चाहिए। राज्यों पर भी इसी तरह की जिम्मेदारी है।

राज्य की चिंताओं पर ध्यान दिए जाने की जरूरत
राज्यों की भी कई चिंताएं हैं जिन पर ध्यान देने की जरूरत है। यह स्पष्ट रूप से समझना होगा कि राज्यों के साथ चर्चा के दौरान जब वे उन अधिकारियों की सूची देते हैं जिन्हें वे केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए भेजना चाहते हैं, तो यह विशुद्ध रूप से राज्यों का प्रस्ताव होगा। यह प्रस्ताव राज्य की अपनी जरूरतों को ध्यान में रखकर होगा।


उप सचिव और निदेशक स्तर पर कार्य परिस्थितियों को बेहतर करना होगा
केंद्र सरकार को यह समझना होगा कि संवर्ग प्रबंधन की उत्कृष्ट सफलता सुनिश्चित करने के लिए उप सचिव और निदेशक स्तर के अधिकारियों के लिए कार्य परिस्थितियों को बेहतर करना अत्यंत आवश्यक है। यदि बड़ी संख्या में अधिकारी अपनी इच्छा व्यक्त करते हैं और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति का विकल्प चुनते हैं, तो राज्यों पर संबंधित नामों की पेशकश करने का दबाव होगा। इस स्तर के कई अधिकारियों को दिल्ली में अपने बच्चों की शिक्षा, आवागमन और काफी महंगे जीवनयापन जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन मुद्दों को अवश्य ही सुलझाना होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed