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अब तक नहीं मिल पाया गुम हुए एएन-32 का सुराग
एजेंसी/ चेन्नई, विशाखापट्टनम
Updated Mon, 25 Jul 2016 04:13 AM IST
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भारतीय वायुसेना के गायब हुए विमान एएन-32 की खोज लगातार जारी है, लेकिन अभी तक इसका कोई सुराग राहत एवं बचाव दल को नहीं लग पाया है। 29 लोगों को ले जा रहे एएन-32 का पता लगाने के लिए राहत एवं बचाव दल ने अब उपग्रह के तस्वीरों की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि 22 जुलाई को चेन्नई के तांबरम एयर बेस से सुबह 8.30 बजे पोर्ट ब्लेयर के लिए उड़ान भरने वाले एएन-32 विमान से बंगाल की खाड़ी के ऊपर से गुजरते समय संपर्क टूट गया था। एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने कहा, ‘अभी तक विमान का कोई पता नहीं चल पाया है।’
नौसेना और तटरक्षक के एक पनडुब्बी सहित कम से कम 18 जहाज और पी 81, सी 130 और डोनियर्स जैसे आठ विमान चौबीसों घंटे एएन-32 विमान की खोज में लगे हुए हैं। खराब मौसम खोज अभियान के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। अधिकारी अब इस क्षेत्र के उपग्रह के तस्वीरों की मांग कर रहे हैं।
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पूर्वी नौसेना कमान के प्रमुख वाइस एडमिरल एचसीएस बिष्ट ने विशाखापट्टनम में कहा, ‘सभी संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए एएन-32 को खोजने का अभियान चौबीसों घंटे लगातार जारी है। हमने उपग्रह से प्राप्त सूचनाएं भी मांगी हैं।
वहां पानी की गहराई लगभग 3,500 मीटर है और कुछ जगहों पर तो इससे भी अधिक है। पानी की गहराई बढ़ने के साथ ही चुनौतियां भी बढ़ती हैं।’ उन्होंने कहा कि विमान पर सवार लोगों के परिवार के सदस्यों को नियमित आधार पर जानकारी दी जा रही है।
एएन-32 के गायब होने की औपचारिक शिकायत दर्ज
वायुसेना अधिकारियों ने एएन-32 विमान के गायब होने की औपचारिक शिकायत तमिलनाडु पुलिस को दर्ज कराई है। रविवार को एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘हमें यह शिकायत मिली है कि वायुसेना का एएन-32 परिवहन विमान गायब हो गया है। यह शिकायत शनिवार रात को सेलाइयुर थाने में दर्ज कराई गई।’
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उल्लेखनीय है कि 22 जुलाई को चेन्नई के तांबरम एयर बेस से सुबह 8.30 बजे पोर्ट ब्लेयर के लिए उड़ान भरने वाले एएन-32 विमान से बंगाल की खाड़ी के ऊपर से गुजरते समय संपर्क टूट गया था। एक वरिष्ठ रक्षा अधिकारी ने कहा, ‘अभी तक विमान का कोई पता नहीं चल पाया है।’
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नौसेना और तटरक्षक के एक पनडुब्बी सहित कम से कम 18 जहाज और पी 81, सी 130 और डोनियर्स जैसे आठ विमान चौबीसों घंटे एएन-32 विमान की खोज में लगे हुए हैं। खराब मौसम खोज अभियान के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। अधिकारी अब इस क्षेत्र के उपग्रह के तस्वीरों की मांग कर रहे हैं।
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पूर्वी नौसेना कमान के प्रमुख वाइस एडमिरल एचसीएस बिष्ट ने विशाखापट्टनम में कहा, ‘सभी संसाधनों का इस्तेमाल करते हुए एएन-32 को खोजने का अभियान चौबीसों घंटे लगातार जारी है। हमने उपग्रह से प्राप्त सूचनाएं भी मांगी हैं।
वहां पानी की गहराई लगभग 3,500 मीटर है और कुछ जगहों पर तो इससे भी अधिक है। पानी की गहराई बढ़ने के साथ ही चुनौतियां भी बढ़ती हैं।’ उन्होंने कहा कि विमान पर सवार लोगों के परिवार के सदस्यों को नियमित आधार पर जानकारी दी जा रही है।
एएन-32 के गायब होने की औपचारिक शिकायत दर्ज
वायुसेना अधिकारियों ने एएन-32 विमान के गायब होने की औपचारिक शिकायत तमिलनाडु पुलिस को दर्ज कराई है। रविवार को एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘हमें यह शिकायत मिली है कि वायुसेना का एएन-32 परिवहन विमान गायब हो गया है। यह शिकायत शनिवार रात को सेलाइयुर थाने में दर्ज कराई गई।’
वायुसेना के अधिकारी ने फोन पर कहा- धैर्य रखें
शुक्रवार की सुबह से बंगाल की खाड़ी में 240 नाटीकल मील पर वायुसेना के विमान एएन-32 सहित लापता हुए गुरदयाल की तीसरे दिन भी कोई खबर नहीं आई है। इससे उसके परिवार की बेचैनी और बढ़ने लगी है। परिवार के सदस्य आस लगाए बैठे हैं कि कोई फोन आएगा और उनके बेटे की सलामती की खबर उन्हें मिलेगी। दूसरी ओर कोयंबटूर में गुरदयाल की पत्नी बेहाल हो रही है।
घर में फोन की घंटी बजती है तो परिवार के हर सदस्य की धड़कनें बढ़ जाती हैं, लेकिन गुरदयाल की सलामती की कोई खबर रविवार को भी परिवार को नहीं मिली। हालांकि रिश्तेदार लगातार गुरदयाल के घर हाल जानने के लिए पहुंच रहे हैं।
गुरदयाल के परिवार के सदस्यों ने बताया कि रविवार सुबह बारह बजे के लगभग उसके कार्यालय के एक अधिकारी का फोन आया। अधिकारी ने बस यही बताया कि विमान सहित सवार लोगों की तलाश युद्धस्तर पर की जा रही है। परिवार से धैर्य रखने की बात कहकर अधिकारी ने तो फोन काट दिया, लेकिन परिवार के सदस्यों की बेचैनी और बढ़ गई।
उल्लेखनीय है कि वायुसेना के कारगो विमान ने 22 जुलाई को क्रूमेंबर सहित 29 सदस्यों के साथ चेन्नई के तंबरम एयरबेस से उड़ान भरी थी। विमान को हालांकि पोर्ट ब्लेयर में 11 बजकर 45 मिनट पर उतरना था, लेकिन चेन्नई के पूर्वी इलाके में बंगाल की खाड़ी में यह विमान उड़ान भरने के आधे घंटे बाद ही लापता हो गया। विमान में सवार 29 सवारों में से सुखदेवपुर का गुरदयाल चौधरी भी सवार था जो बतौर कारपोरल वायु सेना में सेवाएं दे रहा था।
न कोई अधिकरी पहुंचा और न ही जनप्रतिनिधि
कठुआ के अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गांव सुखदेवपुर बनियाड़ी के गुरदयाल चौधरी के विमान के साथ ही लापता होने की सूचना पर रिश्तेदारों और गांव वालों का उसके घर पर तांता लगा हुआ है, लेकिन अब तक न तो कोई प्रशासनिक अधिकारी गुरदयाल के घर पहुंचा और न ही जनप्रतिनिधि।
गुरदयाल के दोस्त बंटी ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि परिवार के सदस्य चिंतित हैं। रक्षा मंत्रालय के विमान को खोजने की खबर अखबारों और टीवी के माध्यम से मिल रही है, लेकिन परिवार के सदस्यों को दिलासा देने और अभियान के बारे में और जानकारी लेने के लिए विधायक तक गांव में नहीं पहुंचे हैं। जबकि इस समय परिवार को प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की आवश्यकता है।
गुरदयाल का भाई पहुंचा कोयंबटूर
पति के लापता होने के बाद गुरदयाल की पत्नी कोयंबटूर में अकेले थी। वह किन परिस्थितियों से जूझ रही होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। इसके चलते गांव से गुरदयाल का भाई शनिवार को ही छत्तीसगढ़ से कोयंबटूर के लिए रवाना हुआ। वायुसेना के अधिकारियों से संपर्क कर विमान की तलाश के लिए चल रहे अभियान की जानकारी ली जा रही है।
घर में फोन की घंटी बजती है तो परिवार के हर सदस्य की धड़कनें बढ़ जाती हैं, लेकिन गुरदयाल की सलामती की कोई खबर रविवार को भी परिवार को नहीं मिली। हालांकि रिश्तेदार लगातार गुरदयाल के घर हाल जानने के लिए पहुंच रहे हैं।
गुरदयाल के परिवार के सदस्यों ने बताया कि रविवार सुबह बारह बजे के लगभग उसके कार्यालय के एक अधिकारी का फोन आया। अधिकारी ने बस यही बताया कि विमान सहित सवार लोगों की तलाश युद्धस्तर पर की जा रही है। परिवार से धैर्य रखने की बात कहकर अधिकारी ने तो फोन काट दिया, लेकिन परिवार के सदस्यों की बेचैनी और बढ़ गई।
उल्लेखनीय है कि वायुसेना के कारगो विमान ने 22 जुलाई को क्रूमेंबर सहित 29 सदस्यों के साथ चेन्नई के तंबरम एयरबेस से उड़ान भरी थी। विमान को हालांकि पोर्ट ब्लेयर में 11 बजकर 45 मिनट पर उतरना था, लेकिन चेन्नई के पूर्वी इलाके में बंगाल की खाड़ी में यह विमान उड़ान भरने के आधे घंटे बाद ही लापता हो गया। विमान में सवार 29 सवारों में से सुखदेवपुर का गुरदयाल चौधरी भी सवार था जो बतौर कारपोरल वायु सेना में सेवाएं दे रहा था।
न कोई अधिकरी पहुंचा और न ही जनप्रतिनिधि
कठुआ के अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे गांव सुखदेवपुर बनियाड़ी के गुरदयाल चौधरी के विमान के साथ ही लापता होने की सूचना पर रिश्तेदारों और गांव वालों का उसके घर पर तांता लगा हुआ है, लेकिन अब तक न तो कोई प्रशासनिक अधिकारी गुरदयाल के घर पहुंचा और न ही जनप्रतिनिधि।
गुरदयाल के दोस्त बंटी ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि परिवार के सदस्य चिंतित हैं। रक्षा मंत्रालय के विमान को खोजने की खबर अखबारों और टीवी के माध्यम से मिल रही है, लेकिन परिवार के सदस्यों को दिलासा देने और अभियान के बारे में और जानकारी लेने के लिए विधायक तक गांव में नहीं पहुंचे हैं। जबकि इस समय परिवार को प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की आवश्यकता है।
गुरदयाल का भाई पहुंचा कोयंबटूर
पति के लापता होने के बाद गुरदयाल की पत्नी कोयंबटूर में अकेले थी। वह किन परिस्थितियों से जूझ रही होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। इसके चलते गांव से गुरदयाल का भाई शनिवार को ही छत्तीसगढ़ से कोयंबटूर के लिए रवाना हुआ। वायुसेना के अधिकारियों से संपर्क कर विमान की तलाश के लिए चल रहे अभियान की जानकारी ली जा रही है।