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अमृतसर हादसा : मौत ने दो बार दी चेतावनी, तब भी नहीं संभले

Sat, 20 Oct 2018 11:12 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर Updated Sat, 20 Oct 2018 11:12 AM IST
amritsar train accident: dussehra festival has been celebrating for 20 years on accident site
Amritsar train accident - फोटो : PTI
श्रद्धा व आस्था की गुरुनगरी शुक्रवार को चीखों से थर्रा उठी। एक झटके में विजयादशमी की खुशियां मातम में बदल गई। नेशनल हाईवे से कुछ दूरी पर जौड़ा फाटक के समीप मोहल्लों की तरफ लोग पैदल सड़कों पर दौड़ते जा रहे थे। महिलाएं व पुरुष नंगे पैर, हाथ में बच्चों की तस्वीरें लेकर रेलवे पटरी की तरफ भाग रहे थे। पटरी पर कहीं किसी मासूम की सैंडल तो कहीं चप्पल पड़ी हुई थी। पटरी पर कई महिलाएं मोबाइल की रोशनी कर लाडलों का सामान खोज रही थीं। घटनास्थल पर 100 से 150 मीटर के दायरे में लाशें बिखर गईं। 


दो ट्रेनें गुजरीं तो ट्रैक से हट गए लोग

एक चश्मदीद सन्नी ने बताया, हादसे के पहले जौड़ा फाटक से अन्य दो ट्रेनें भी गुजरीं, तब लोग ट्रैक से हट गए। इसके बाद जब रावण जल रहा था, तब डेमू ट्रेन 74943 गुजरी। लोग पटाखों की आवाज के कारण हॉर्न नहीं सुन पाए और बचने का मौका नहीं मिला। रेलवे इतिहास में ऐसा भीषण हादसा कभी नहीं हुआ।


वहीं महानिदेशक रेलवे जनसंपर्क दीपक कुमार ने अमर उजाला से बातचीत में इस बात की पुष्टि की है कि हादसे के पहले जब ट्रेन यहां गुजरी उस वक्त लोग ट्रैक से हट गए थे। लेकिन जब दूसरी बार ट्रेन आई तो लोग समझ नहीं पाए और ये दर्दनाक हादसा हुआ।
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पहले की दो ट्रेनों ने रफ्तार की थी धीमी

55 वर्षीय जसवंत ने न्यूज एजेंसी भाषा से बातचीत में दावा किया कि आतिशबाजी के शोर के कारण लोगों को जालंधर से आती ट्रेन के हॉर्न की आवाज सुनाई नहीं दी। उन्होंने दावा किया कि इस ट्रेन के जालंधर से अमृतसर जाने से पहले भी दो ट्रेनें पटरियों से गुजरी लेकिन उन्होंने अपनी गति धीमी कर ली थी। 

दुर्घटनास्थल पर 20 वर्षों से होता आ रहा है रावण दहन 

दशहरे के मौके पर रावण दहन देखने के लिए 20 से अधिक वर्षों से लोग आसपास के गांवों से रेलवे पटरियों से महज 50 मीटर दूर जौड़ा फाटक पर खाली पड़े मैदान में एकत्रित होते रहे हैं। इस खाली प्लॉट पर 20 से अधिक वर्षों से रावण का पुतला जलाया जाता रहा है लेकिन इससे पहले ऐसी कोई घटना नहीं हुई। 


अमृतसर ट्रेन हादसे में मारे गए लोगों में से अबतक 39 की पहचान हुई, घायलों को सात अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। एक अधिकारी ने कहा, "घायलों में से सात लोगों की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।" अधिकारियों के अनुसार, कई मृतकों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। फॉरेंसिक साइंस की एक टीम घटनास्थल पर पहुंची। पंजाब सरकार ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं।

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