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Assam: ABSU के 57वें वार्षिक सम्मेलन को संबोधित करेंगे गृह मंत्री अमित शाह, असम सीएम भी रहेंगे मौजूद
Sun, 16 Mar 2025 10:03 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 16 Mar 2025 10:03 AM IST
सार
सम्मेलन के तीसरे दिन वाद-विवाद और साहित्यिक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें छात्रों की बौद्धिक क्षमता का प्रदर्शन हुआ। साथ ही कबड्डी और वॉलीबॉल जैसे खेल आयोजनों के फाइनल मैच भी हुए।
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Amit Shah
- फोटो : PTI
विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज असम के कोकराझार के डोटमा में ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन (ABSU) के 57वें वार्षिक सम्मेलन के चौथे और अंतिम दिन एक सार्वजनिक सभा में भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में अमित शाह के साथ असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा और बोडोलैंड टेरिटोरियल काउंसिल (BTC) के प्रमुख प्रमोद बोरो भी मौजूद रहेंगे। सम्मेलन में कई व्यावहारिक चर्चाएं, प्रतिस्पर्धी कार्यक्रम और संगठन की विरासत को याद किया जाएगा। आज यानी 16 मार्च को इस सम्मेलन का आखिरी दिन है।
सम्मेलन में कल आयोजित हुए कई सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम
सम्मेलन के तीसरे दिन वाद-विवाद और साहित्यिक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें छात्रों की बौद्धिक क्षमता का प्रदर्शन हुआ। साथ ही कबड्डी और वॉलीबॉल जैसे खेल आयोजनों के फाइनल मैच भी हुए। तीसरे दिन एबीएसयू के नेता एकजुट हुए और उन नेताओं को याद किया गया, जिन्होंने बोडो आंदोलन को आकार देने में अहम भूमिका निभाई। बोडो साहित्य सभा के अध्यक्ष और ABSU के संस्थापक सदस्य सुरथ नरजारी ने 'ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन और बोडोलैंड आंदोलन का इतिहास - 1967-1993' किताब का विमोचन किया। असम के कैबिनेट मंत्री और ABSU के पूर्व अध्यक्ष उरखाओ ग्वारा ब्रह्मा ने भी एक कार्यक्रम को संबोधित किया। इसके अलावा कई अन्य सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
ये भी पढ़ें- Amit Shah: 'कांग्रेस ने असम में शांति कायम नहीं होने दी, प्रधानमंत्री मोदी ने इसे बहाल किया', असम में गरजे शाह
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कैबिनेट मंत्री बोले- अब युवाओं पर भविष्य की जिम्मेदारी
असम के कैबिनेट मंत्री उरखाओ ग्वारा ब्रह्मा ने मजबूत भविष्य की दिशा में काम करते हुए अतीत के संघर्षों के महत्व के बारे में बात की। उन्होंने कहा, 'हमारे नेताओं की विरासत हमेशा दृढ़ता और प्रगति की रही है। उनके बलिदान ने हमारे समुदाय के लिए अपनी पहचान स्थापित करने और विकास के अवसरों को सुरक्षित करने का मार्ग प्रशस्त किया। अब युवा पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि वे शासन, नीति-निर्माण और हमें परिभाषित करने वाले मूल्यों को संरक्षित करके इसे आगे बढ़ाएं। हमारी शिक्षा, सांस्कृतिक संस्थानों और नेतृत्व को मजबूत करना बोडोलैंड के लिए एक समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करेगा।'
ये भी पढ़ें- Amit Shah: 'पीएम खुद कर रहे मिजोरम के विकास की निगरानी'; असम राइफल्स के मुख्यालय स्थानांतरण के गवाह बने शाह
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सम्मेलन में कल आयोजित हुए कई सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम
सम्मेलन के तीसरे दिन वाद-विवाद और साहित्यिक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिनमें छात्रों की बौद्धिक क्षमता का प्रदर्शन हुआ। साथ ही कबड्डी और वॉलीबॉल जैसे खेल आयोजनों के फाइनल मैच भी हुए। तीसरे दिन एबीएसयू के नेता एकजुट हुए और उन नेताओं को याद किया गया, जिन्होंने बोडो आंदोलन को आकार देने में अहम भूमिका निभाई। बोडो साहित्य सभा के अध्यक्ष और ABSU के संस्थापक सदस्य सुरथ नरजारी ने 'ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन और बोडोलैंड आंदोलन का इतिहास - 1967-1993' किताब का विमोचन किया। असम के कैबिनेट मंत्री और ABSU के पूर्व अध्यक्ष उरखाओ ग्वारा ब्रह्मा ने भी एक कार्यक्रम को संबोधित किया। इसके अलावा कई अन्य सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
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कैबिनेट मंत्री बोले- अब युवाओं पर भविष्य की जिम्मेदारी
असम के कैबिनेट मंत्री उरखाओ ग्वारा ब्रह्मा ने मजबूत भविष्य की दिशा में काम करते हुए अतीत के संघर्षों के महत्व के बारे में बात की। उन्होंने कहा, 'हमारे नेताओं की विरासत हमेशा दृढ़ता और प्रगति की रही है। उनके बलिदान ने हमारे समुदाय के लिए अपनी पहचान स्थापित करने और विकास के अवसरों को सुरक्षित करने का मार्ग प्रशस्त किया। अब युवा पीढ़ी की जिम्मेदारी है कि वे शासन, नीति-निर्माण और हमें परिभाषित करने वाले मूल्यों को संरक्षित करके इसे आगे बढ़ाएं। हमारी शिक्षा, सांस्कृतिक संस्थानों और नेतृत्व को मजबूत करना बोडोलैंड के लिए एक समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करेगा।'
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