'केसीआर' बताएं समय से पूर्व चुनाव का अतिरिक्त खर्च क्यों थोपा- अमित शाह
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बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह तेलंगाना पहुंचे हुए हैं। उनके इस दौरे से राज्य में विधानसभा चुनावों का बिगुल बज गया है। अमित शाह ने तेलंगाना के महबूबनगर में पार्टी के एक अभियान की शुरुआत कर जनसभा को संभोधित किया। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि चुनाव मई 2019 में आयोजित किए जाने थे। प्रधानमंत्री जी कहते हैं कि यदि चुनाव एक साथ आयोजित किए जाते हैं तो खर्चों को बचाया जा सकेगा। मैं केसीआर से पूछता हूं कि उसने पूर्व चुनाव क्यों किया?
Elections were supposed to be held in May 2019 here. Modi ji says if elections are held together it'll save expenses. I ask KCR why did he pre-pone elections? Are you not confident of your victory in May? If not then you can't form a govt in Nov-Dec either: Amit Shah in Telangana pic.twitter.com/nCXoQ2iYo5
— ANI (@ANI) September 15, 2018विज्ञापन
क्या आप मई में अपनी जीत पर भरोसा नहीं कर रहे हैं? यदि नहीं तो आप नवंबर-दिसंबर में सरकार बना सकते हैं। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने घोषणा की कि तेलंगाना में संभावित विधानसभा चुनाव में पार्टी सभी सीटों पर लड़ेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश में बीजेपी मजबूत और निर्णायक भूमिका में उभरेगी।
शाह ने कहा कि राहुल बाबा सपने देखते हैं कि तेलंगाना में कांग्रेस सरकार का गठन किया जाएगा। तेलंगाना के लोग भूले नहीं हैं कि कैसे पी. वी. नरसिम्हा राव का अपमान हुआ था। उन्होंने कहा कि बीजेपी ऐसे तेलंगाना का गठन करेगी जहां न तो दलितों का दमन होगा और न ही आदिवासियों का दमन किया जाएगा। किसानों को गोली नहीं मारी जाएगी बल्कि उनके हित में काम किया जाएगा।
शाह ने कहा कि हमने असम से घुसपैठियों को हटाने का प्रयास किया। हमारे एनआरसी कदम का विरोध सभी प्रमुख दलों ने किया था। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि देश में रहने के लिए घुसपैठ करने की अनुमति नहीं है। शाह ने कहा कि तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) को लोगों को बताना चाहिए कि उन्होंने विधानसभा चुनाव समय से पहले कराने का निर्णय क्यों लिया और राज्य के लोगों पर अतिरिक्त खर्च का बोझ क्यों थोपा।
We made an effort to remove infiltrators from Assam. Our NRC move was opposed by all the major parties. We will ensure that no infiltrator is allowed to live in the country: BJP President Amit Shah in Mahbubnagar, Telangana pic.twitter.com/xMdC8L4SvL
— ANI (@ANI) September 15, 2018
उन्होंने कहा कि टीआरएस ने क्यों राज्य में जल्द चुनाव कराने का फैसला किया, जब यहां लोकसभा और विधानसभा के चुनाव नौ महीने बाद एक साथ होने वाले थे। के.सी. राव पहले वन नेशन, वन इलेक्शन का समर्थन करते थे, लेकिन मौजूदा समय में उनकी पार्टी ने इस मुद्दे पर अपना रुख बदल लिया है और छोटे से राज्य (तेलंगाना) को दो चुनाव (लोकसभा और विधानसभा) का खर्च वहन करने के लिए मजबूर किया है।
बीजेपी का मानना है कि टीआरएस ने राजनीतिक लाभ के लिए लोगों पर करोड़ों रुपये का अतिरिक्त बोझ डाला है। शाह शनिवार शाम पार्टी के अभियान की शुरुआत महबूबनगर में एक जनसभा से करेंगे। हालांकि राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के आगामी विधानसभा चुनाव के साथ ही तेलंगाना में भी संभावित चुनाव को देखते हुए सभी पार्टियां रणनीति बनाने में जुट गई हैं।