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Security: 'पूर्वी सीमा पर उभरती सुरक्षा चुनौतियों पर ध्यान दें एजेंसियां', गृह मंत्री अमित शाह का आह्वान
Sat, 30 Nov 2024 05:37 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
एजेंसी, भुवनेश्वर
एजेंसी, भुवनेश्वर
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Sat, 30 Nov 2024 05:37 AM IST
सार
ओडिशा के भुवनेश्वर में 59वें डीजीपी-आईजीपी सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए शाह ने 2024 के आम चुनावों को शांतिपूर्वक तरीके से संपन्न कराने और तीन नए आपराधिक कानूनों को निर्बाध रूप से लागू करने के लिए पुलिस नेतृत्व को बधाई दी।
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उद्घाटन करने के बाद स्मारिका का विमोचन करते गृह मंत्री अमित शाह व एनएसए अजीत डोभाल।
- फोटो : अमर उजाला/एजेंसी
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विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों को पूर्वी सीमा पर उभरती चुनौतियों, घुसपैठ और शहरी पुलिसिंग की प्रवृतियों पर फोकस करना चाहिए। शुक्रवार को ओडिशा के भुवनेश्वर में 59वें डीजीपी-आईजीपी सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए शाह ने 2024 के आम चुनावों को शांतिपूर्वक तरीके से संपन्न कराने और तीन नए आपराधिक कानूनों को निर्बाध रूप से लागू करने के लिए पुलिस नेतृत्व को बधाई दी।
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गृह मंत्री ने कहा कि तीन नए आपराधिक कानूनों से भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली, जो पहले दंड-केंद्रित थी, न्याय केंद्रित हो गई है। उन्होंने कहा कि इन नए कानूनों की मूल भावना भारतीय परंपरा से प्रेरित है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर के राज्यों और और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा स्थिति में हुए सुधार जैसी महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर संतोष प्रकट किया। हाइब्रिड मोड में आयोजित हो रहे सम्मेलन में सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के पुलिस प्रमुख और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल व केंद्रीय पुलिस संगठन के प्रमुख शामिल हो रहे हैं। साथ ही देशभर से अनेक पुलिस अधिकारी वर्चुअल तौर पर इस सम्मेलन में भाग ले रहे हैं। शनिवार को आज हुई चर्चाओं में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, गृह राज्यमंत्रियों और केंद्रीय गृह सचिव ने भी हिस्सा लिया।
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राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए खाका तैयार करेगा शीर्ष पुलिस नेतृत्व
अगले दो दिनों के दौरान देश का शीर्ष पुलिस नेतृत्व, मौजूदा एवं उभरती राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एक खाका तैयार करेगा, जिनमें वामपंथी उग्रवाद, तटीय सुरक्षा, नारकोटिक्स, साइबर अपराध और आर्थिक सुरक्षा जैसे विषय शामिल हैं। इसके साथ ही, तीनों नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की प्रगति तथा पुलिसिंग से जुड़ी श्रेष्ठ पद्धतियों की भी समीक्षा की जाएगी।
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तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने में सुरक्षा संस्थान की भूमिका अहम
शाह ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को संपूर्ण विकसित राष्ट्र बनाने तथा 2027 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में सुरक्षा संस्थानों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शून्य सहनशीलता नीति के क्रियान्वयन के लिए शून्य सहनशीलता रणनीति और शून्य सहनशीलता कार्रवाई की दिशा में पहल करने का आह्वान किया।