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Border State: शाह बोले- सीमाई क्षेत्रों में जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर नजर रखें DGP, जितेंद्र सिंह ने कही ये बात
Thu, 18 Aug 2022 10:46 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Thu, 18 Aug 2022 10:46 PM IST
सार
मंत्री ने कहा कि हमें न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन के फॉर्मूले का पालन करना होगा। लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है।
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Amit Shah
- फोटो : PTI
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विस्तार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को सीमावर्ती राज्यों के डीजीपी को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती राज्यों के डीजीपी को सीमाई क्षेत्रों में हो रहे जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर नजर रखनी चाहिए। अपने राज्यों खासकर सीमावर्ती जिलों में तकनीकी, रणनीतिक सूचनाएं इकट्ठा करना डीजीपी की जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न केवल आंतरिक सुरक्षा पर जोर दिया है, बल्कि चुनौतियों का सामना करने के लिए तंत्र को भी मजबूत किया है।
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इस बीच केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार पूर्वोत्तर में विकास लाने के लिए प्रतिबद्ध है। ईटानगर में प्रशासनिक सुधारों से संबंधित सम्मेलन में कहा कि जो राज्य पहले हिंसा व उग्रवाद के लिए चर्चा में था। एनडीए सरकार बनने के बाद यहां बड़े पैमाने पर परिवर्तन देखने को मिला है।
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उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से केंद्र सरकार ने पूर्वोत्तर के विकास को प्राथमिकता दी। एक ऐसा क्षेत्र जो दशकों से उपेक्षा का शिकार था, बाद में देश के अन्य राज्यों के समान यहां विकास और प्रगति के लिए पहल की गई।
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सुशासन नागरिकों का मौलिक अधिकार
मंत्री ने कहा कि हमें न्यूनतम सरकार और अधिकतम शासन के फॉर्मूले का पालन करना होगा। लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, सुशासन कोई विकल्प नहीं बल्कि सभी नागरिकों का मौलिक अधिकार है। सरकार इसे उपलब्ध कराने के लिए बाध्य है। मोदी सरकार सभी को न्याय दिलाने के लिए कटिबद्ध है।