फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Amit Shah says Andaman Nicobar is tapobhoomi On 115 years of Vinayak Damodar Savarkar poem Sagara Pran Talmala

Amit Shah: अमित शाह ने अंडमान-निकोबार को बताया 'तपोभूमि'; बोले- सावरकर ने अपने जीवन के कठिन वर्ष यहीं बिताए

Fri, 12 Dec 2025 07:11 PM IST
देवेश त्रिपाठी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्री विजयपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्री विजयपुरम Published by: देवेश त्रिपाठी Updated Fri, 12 Dec 2025 07:11 PM IST
सार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को वीर सावरकर और आजाद हिंद सेना के संस्थापक सुभाष चंद्र बोस से जुड़ा हुआ बताया। गौरतलब है कि अंडमान और निकोबार को अब शहीद और स्वराज के नाम से जाना जाता है।

विज्ञापन
Amit Shah says Andaman Nicobar is tapobhoomi On 115 years of Vinayak Damodar Savarkar poem Sagara Pran Talmala
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह - फोटो : ANI

विस्तार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्वातंत्र्यवीर सावरकर के 'सागरा प्राण तळमळला' गीत के 115 वर्ष पूर्ण होने पर अंडमान और निकोबार के श्री विजयपुरम में एक कार्यक्रम को संबोधित किया। अमित शाह ने इस दौरान कहा कि अंडमान और निकोबार सिर्फ द्वीपों की एक श्रृंखला नहीं है। यह असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान, समर्पण और देशभक्ति से बनी एक 'तपोभूमि' है। 

विज्ञापन


'यहां कोई अपनी मर्जी से नहीं आता था' :अमित शाह
सावरकर की कविता 115 वर्ष पूरे होने पर गृह मंत्री ने कहा, 'हम सब एक पवित्र भूमि पर एकत्रित हुए हैं। स्वतंत्रता से पहले, कोई भी यहां अपनी मर्जी से नहीं आता था। जिन्हें भी यहां लाया जाता था, उनका परिवार उन्हें भूल जाता था। उस दौर में, कोई यह नहीं सोचता था कि 'काला पानी' में सजा काटने के बाद कोई वापस लौट भी सकता है।'
विज्ञापन


उन्होंने आगे कहा, 'जब तक वे लौटते, उनका शरीर, मन और आत्मा इतनी कमजोर हो जाती थी कि वे कभी पूरी तरह से ठीक नहीं हो पाते थे। लेकिन आज, यह सभी भारतीयों के लिए एक तीर्थस्थल है क्योंकि वीर सावरकर ने अपने जीवन के सबसे कठिन वर्ष यहीं बिताए।' अमित शाह ने कहा, 'यहां कई लोगों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया। मैंने सेलुलर जेल के रिकॉर्ड का गहन अध्ययन किया है; केवल दो ही ऐसे प्रांत हैं जिनके स्वतंत्रता सेनानियों को यहां फांसी नहीं दी गई।'
विज्ञापन
विज्ञापन


अंडमान-निकोबार में वीर सावरकर की आदमकद प्रतिमा का लोकार्पण
उन्होंने कहा, 'यह एक बहुत बड़ा अवसर है। इस 'तपोभूमि' पर वीर सावरकर की आदमकद प्रतिमा का लोकार्पण मोहन भागवत ने किया, जो उस संगठन के सरसंघचालक हैं जो सही मायने में सावरकर की विचारधारा को आगे बढ़ा रहा है। यह एक पवित्र भूमि है, वीर सावरकर की प्रतिमा भी पवित्र है और मोहन भागवत के हाथों से इसका अनावरण और भी श्रेष्ठ है।'


उन्होंने कहा, 'जब आजाद हिंद फौज ने भारत को आजाद कराने का प्रयास किया तो सबसे पहले अंडमान-निकोबार को ही आजाद कराया। यहां सुभाष चंद्र बोस दो दिन तक रुके थे। उन्होंने कहा कि बोस ने ही इन दोनों द्वीपों को शहीद और स्वराज नाम देने का सुझाव दिया था। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जमीन पर उतारा।'

अन्य वीडियो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed