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Amit Shah: केंद्रीय गृहमंत्री बोले- देश को हीन भावना से मुक्ति दिलाएगा 'स्वराज', अपने इतिहास पर गर्व करें युवा
Fri, 05 Aug 2022 06:05 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Fri, 05 Aug 2022 06:05 PM IST
सार
शाह ने कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने शासन करने के लिए हम भारतीयों में अपनी भाषा और संस्कृति के प्रति हीन भावना पैदा करने का प्रयास किया। उसके ज्ञान को लेकर भी मिथक खड़ा करने का प्रयास किया।
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Home Minister Amit Shah
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि भारत अपनी आजादी के 75वें वर्ष में एक बड़ी छलांग लगाने को तैयार है और इसे एक महान राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक पाएगा।
शाह ने कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने शासन करने के लिए हम भारतीयों में अपनी भाषा और संस्कृति के प्रति हीन भावना पैदा करने का प्रयास किया। जिस भारत ने दुनिया को गीता का ज्ञान, वेद, शून्य और खगोल शास्त्र दिया..उसके ज्ञान को लेकर भी मिथक खड़ा करने का प्रयास किया। सही मायनों में स्वतंत्रता हासिल करने किए इसे जड़ से उखाड़ फेंका जाना चाहिए।
गृह मंत्री स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर दूरदर्शन द्वारा निर्मित एक बड़े धारावाहिक 'स्वराज: भारत के स्वतंत्रता संग्राम की समग्र गाथा' के शुभारंभ के बाद बोल रहे थे।
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गृहमंत्री ने आगे कहा कि स्वराज का अर्थ सिर्फ शासन करने की आजादी नहीं है, स्वराज शब्द अपने आप में संपूर्ण भारत को आजाद कराने और उसे स्वधर्म, स्वभाषा, स्वसंस्कृति के माध्यम से चलाने का पूरक है। जब तक हम युवाओं को स्वराज की मूल भावना में नहीं रंगते भारत सही अर्थ में स्वराज प्राप्त नहीं कर सकता।
'आजादी के बाद जो भी आया, उसने देश को आगे बढ़ाया'
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर, राज्य मंत्री एल. मुरुगन व अन्य की मौजूदगी में आयोजित समारोह में शाह ने कहा, आजादी के बाद से भारत का प्रशासन अच्छा रहा है और कई उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा, जो भी (सत्ता में) आया उसने देश को आगे बढ़ाया है। हम सभी का सम्मान करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय सभ्यता कई हजार वर्षों तक आगे बढ़ी है और देश को इसकी संस्कृति के बारे में शिक्षित करने के लिए किसी गैर सरकारी संगठन की जरूरत नहीं है। शाह ने कहा, जिन्होंने हम पर शासन किया, उन्होंने हमारी सर्वश्रेष्ठ प्रणालियों को नष्ट किया। वे जानते थे कि वे हम पर तभी शासन कर सकते हैं जब वे हमारे भीतर एक हीन भावना पैदा करने में सफल हों, क्योंकि हम हर मामले में उनसे आगे थे।
जिस देश ने खगोल विज्ञान दिया, वो अनपढ़ कैसे : अमित शाह
उन्होंने कहा, "इन लोगों ने एक मिथक बनाया कि हम अनपढ़ थे। जिस देश ने दुनिया को गीता और वेद दिए, जिस देश ने दुनिया को शून्य दिया, जिस देश ने दुनिया को खगोल विज्ञान दिया, वह अनपढ़ कैसे हो सकता है।"
शाह ने आशा व्यक्त की कि टेलीविजन धारावाहिक 'स्वराज' देश को उसकी हीन भावना से मुक्ति दिलाने में मदद करेगा और युवाओं को देश के इतिहास पर गौरवान्वित करेगा।
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शाह ने कहा कि विदेशी आक्रांताओं ने शासन करने के लिए हम भारतीयों में अपनी भाषा और संस्कृति के प्रति हीन भावना पैदा करने का प्रयास किया। जिस भारत ने दुनिया को गीता का ज्ञान, वेद, शून्य और खगोल शास्त्र दिया..उसके ज्ञान को लेकर भी मिथक खड़ा करने का प्रयास किया। सही मायनों में स्वतंत्रता हासिल करने किए इसे जड़ से उखाड़ फेंका जाना चाहिए।
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गृह मंत्री स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर दूरदर्शन द्वारा निर्मित एक बड़े धारावाहिक 'स्वराज: भारत के स्वतंत्रता संग्राम की समग्र गाथा' के शुभारंभ के बाद बोल रहे थे।
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गृहमंत्री ने आगे कहा कि स्वराज का अर्थ सिर्फ शासन करने की आजादी नहीं है, स्वराज शब्द अपने आप में संपूर्ण भारत को आजाद कराने और उसे स्वधर्म, स्वभाषा, स्वसंस्कृति के माध्यम से चलाने का पूरक है। जब तक हम युवाओं को स्वराज की मूल भावना में नहीं रंगते भारत सही अर्थ में स्वराज प्राप्त नहीं कर सकता।
'आजादी के बाद जो भी आया, उसने देश को आगे बढ़ाया'
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर, राज्य मंत्री एल. मुरुगन व अन्य की मौजूदगी में आयोजित समारोह में शाह ने कहा, आजादी के बाद से भारत का प्रशासन अच्छा रहा है और कई उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा, जो भी (सत्ता में) आया उसने देश को आगे बढ़ाया है। हम सभी का सम्मान करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि भारतीय सभ्यता कई हजार वर्षों तक आगे बढ़ी है और देश को इसकी संस्कृति के बारे में शिक्षित करने के लिए किसी गैर सरकारी संगठन की जरूरत नहीं है। शाह ने कहा, जिन्होंने हम पर शासन किया, उन्होंने हमारी सर्वश्रेष्ठ प्रणालियों को नष्ट किया। वे जानते थे कि वे हम पर तभी शासन कर सकते हैं जब वे हमारे भीतर एक हीन भावना पैदा करने में सफल हों, क्योंकि हम हर मामले में उनसे आगे थे।
जिस देश ने खगोल विज्ञान दिया, वो अनपढ़ कैसे : अमित शाह
उन्होंने कहा, "इन लोगों ने एक मिथक बनाया कि हम अनपढ़ थे। जिस देश ने दुनिया को गीता और वेद दिए, जिस देश ने दुनिया को शून्य दिया, जिस देश ने दुनिया को खगोल विज्ञान दिया, वह अनपढ़ कैसे हो सकता है।"
शाह ने आशा व्यक्त की कि टेलीविजन धारावाहिक 'स्वराज' देश को उसकी हीन भावना से मुक्ति दिलाने में मदद करेगा और युवाओं को देश के इतिहास पर गौरवान्वित करेगा।