एनडीए में घमासान : शाह से मिले पासवान, कुशवाहा हुए महागठबंधन का हिस्सा
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लोकसभा चुनाव-2019 की राजनीतिक बिसात बिछाई जाने लगी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाले एडीए को परास्त करने के लिए विपक्षी दलों का महागठबंधन आकार लेने लगा है। इसकी शुरुआत बिहार से हुई है। हाल ही में एनडीए और मंत्री पद छोड़ने वाले राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) के नेता उपेंद्र कुशवाहा यूपीए में शामिल हो गए। महागठबंधन में पहले से ही कांग्रेस, राजद, हिंदुस्तान अवाम मोर्चा (हम), लोकतांत्रिक जनता दल (लोजद) और वामदल शामिल हैं।
कांग्रेस मुख्यालय में राजद नेता तेजस्वी यादव, हम नेता जीतनराम मांझी, लोजद नेता शरद यादव और कांग्रेस नेता अहमद पटेल, शक्ति सिंह गोहिल की मौजूदगी में कुशवाहा को यूपीए में शामिल किया गया। उन्होंने इसे बिहार की जनता का फैसला बताया और कहा कि जनता के आदेश पर वह सामाजिक लड़ाई लड़ने के लिए यूपीए के साथ खड़े हुए हैं।
पीएम नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए कहा कि मोदी ने 2014 में राज्य के लोगों से कहा था कि पढ़ाई, दवाई और कमाई के लिए लोगों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा लेकिन यह वादा आज तक पूरा नहीं हुआ। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तारीफ करते हुए कहा कि उनकी कथनी और करनी में कोई फर्क नहीं है। तीनों राज्यों में किसानों का कर्ज माफ कर यह साबित भी कर दिया। कांग्रेस नेता गोहिल ने कहा कि सीट बंटवारे पर सही वक्त पर सही फैसला लिया जाएगा।
नीतीश ने नीच कहकर अपमान किया : कुशवाहा
बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू नेता नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए कुशवाहा ने कहा कि उन्होंने मुझे नीच कहकर अपमानित किया। मैं चाहता था कि नीतीश शिक्षा के लिए कुछ करें लेकिन वह मेरी ताकत को ही कमजोर करने में लग गए। 2 फरवरी को उनकी पार्टी पटना में आक्रोश मार्च निकालेगी।
दलों का नहीं यह दिलों का गठबंधन है : तेजस्वी
राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि यह महागठबंधन दलों का नहीं दिलों का है। मोदी सरकार से देश के संविधान और सांविधानिक संस्थाओं को बचाने के लिए हमारी लड़ाई है। बिहार में डबल इंजन काम कर रहा है। ये डबल इंजन है, पहला अपराध का और दूसरा भ्रष्टाचार का।
वहीं, लोजद नेता शरद यादव ने कहा कि हमें कुशवाहा का इंतजार था और अंतिम फैसला हो गया है। देश आज जिस दौर से गुजर रहा है, उसके खिलाफ पूरे देश में एकता का अभियान चला हुआ है।
भाजपा में घर दुरुस्त करने की कवायद, नाराजगी के बीच पासवान पिता-पुत्र से मिले शाह
हाल के विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद लोजपा के कड़े तेवरों के बीच भाजपा अध्यक्ष अमित शाह बिहार में एनडीए के कुनबे को दुरुस्त करने में जुट गए हैं। लोजपा के सीट बंटवारे पर अल्टीमेटम के दूसरे दिन ही दिन शाह ने रामविलास पासवान और चिराग पासवान से अपने आवास पर मुलाकात की। करीब एक घंटे तक चली इस बैठक में पिता-पुत्र की नाराजगी को दूर करने की कोशिश की गई।
इससे पहले बिहार भाजपा प्रभारी भूपेंद्र यादव ने चिराग से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, बैठक में चिराग ने पार्टी को बिहार में सात सीटें देने की मांग की। साथ ही समय-समय पर एनडीए की बैठक बुलाने, एकजुट होकर चुनावी रणनीति तय करने की बात कही। यादव ने उनकी सभी आपत्तियों और सुझावों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया। इसके बाद यादव चिराग और रामविलास को अपनी गाड़ी से लेकर शाह के घर पहुंचे।
बिहार में एनडीए से हिंदुस्तान अवाम मोर्चा और रालोसपा पहले ही बाहर हो चुकी हैं। ऐसे में लोजपा के अलग होने का खतरा भाजपा नहीं उठाना चाहती है। शाह किसी भी कीमत पर राज्य में जदयू-लोजपा-भाजपा गठबंधन को बरकरार रखना चाहते हैं।