अमित शाह ने आंध्र और तेलंगाना को लेकर नेताओं संग की मैराथन बैठक
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उत्तर और पूर्वोत्तर भारत में पार्टी को सफलता दिलाने के बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह दक्षिण में पैर पसारने की रणनीति बनाने में जुट गए हैं। शुक्रवार को उन्होंने भाजपा मुख्यालय में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के वरिष्ठ नेताओं के संग मैराथन बैठक की। सूत्र बताते हैं कि अपनी रणनीति को अंजाम देने के लिए शाह दोनों ही सूबों में नेतृत्व बदल सकते हैं।
शाह का जोर भाजपा को उन इलाकों में सफल बनाने की है जहां पार्टी का पदर्शन अब तक बेहतर नहीं रहा है। इस प्रयास में उनका लक्ष्य उडीसा, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भाजपा की जड़ें मजबूत करना है। उड़ीसा में शाह ने अपनी टीम पहले ही उतार दी है। सूबे के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के खिलाफ अगले माह से शुरू हो रहे अभियान का असर जल्द ही दिखने लगेगा।
अब आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए उन्होंने रोड मैप बनाना शुरू कर दिया है। दोनों ही राज्यों में पार्टी की जमीनी हालत का आकलन करने के लिए सुबह पहले उन्होंने आंध्र प्रदेश के नेताओं संग बैठक की।
कौन-कौन नेता रहे शामिल
दोपहर बाद वे तेलंगाना के नेताओं के संग बैठे। इस दौरान राज्य नेताओं के अलावा केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू, निर्मला सितारमन, महासचिव राम माधव, मुरलीधर राव और राम लाल भी पूरे समय तक बैठक में शाह के साथ मौजूद रहे। बताया जा रहा है कि आंध्र प्रदेश में पार्टी को चंद्र बाबू नायडू की पार्टी तेदपा से ही दो-दो हाथ करना पड़ रहा है।
आंध्र को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर तेदपा के नेता केंद्र सरकार और भाजपा के खिलाफ सूबे में मोर्चा खोले हुए हैं। ऐसे में पार्टी को अपनी जड़े गहरी करने में मुश्किलें आ रही हैं। नायडू वैसे तो केंद्र सरकार के सहयोगी है। मगर प्रदेश की सियासत में उनके दल की ओर से हो रहे हमले से भाजपा नेता हैरान है। अब भाजपा नेतृत्व ने भी सूबे की जनता के सामने अपना पक्ष रखने की तैयारी की है।
केंद्र के जरिए सूबे के विकास के लिए अब तक उठाए गए कदमों के अलावा आम बजट से किए गए धन के आंवटन को लेकर पार्टी की ओर से 20 मिनट की फिल्म तैयार कराई जा रही है।जिसे आंध्र प्रदेश की जनता के सामने विभिन्न माध्यमों से दर्शाया जाएगा। ऐसा ही प्रयास तेलंगाना में भी रहेगा। साथ ही दक्षिण भारत के इन दोनों राज्यों में पार्टी और केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों के दौरों का अंतराल बढ़ाया जाएगा।