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West Bengal: श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर बंगाल आएंगे अमित शाह, जानें भाजपा की क्या है तैयारी
Sat, 04 Jul 2026 06:11 PM IST
नवीन पारमुवाल
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
Published by: नवीन पारमुवाल
Updated Sat, 04 Jul 2026 06:11 PM IST
सार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 6 जुलाई को कोलकाता दौरे पर रहेंगे। वे डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगे।
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गृह मंत्री अमित शाह का पश्चिम बंगाल दौरा।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती को इस बार बड़े राजनीतिक और वैचारिक आयोजन के रूप में मनाने जा रही है। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छह जुलाई को कोलकाता पहुंचेंगे और जयंती समारोह से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। राज्य में भाजपा की सरकार बनने के बाद यह पहला मौका होगा, जब डॉ. मुखर्जी की जयंती उनकी जन्मभूमि पर सत्ता पक्ष के रूप में मनाई जाएगी।
भाजपा इस आयोजन को केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखना चाहती। पार्टी का प्रयास है कि डॉ. मुखर्जी के विचारों, राष्ट्रवाद और पश्चिम बंगाल के निर्माण में उनकी भूमिका को व्यापक स्तर पर सामने लाया जाए। इसी रणनीति के तहत केंद्रीय नेतृत्व की मौजूदगी को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती प्रत्येक भाजपा कार्यकर्ता के लिए गर्व का अवसर है। उन्होंने कहा कि पहली बार उनकी जन्मभूमि पर उनकी विचारधारा से प्रेरित सरकार के रहते यह आयोजन हो रहा है। ऐसे में अमित शाह की उपस्थिति इसे ऐतिहासिक महत्व प्रदान करती है। शमीक ने यह भी कहा कि लंबे समय तक डॉ. मुखर्जी के योगदान को अपेक्षित स्थान नहीं मिला, लेकिन अब नई पीढ़ी उनके जीवन, राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका और पश्चिम बंगाल को भारत का हिस्सा बनाए रखने में उनके योगदान को समझ रही है।
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भाजपा के केंद्रीय अभियान की अगली कड़ी
पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ सप्ताह के दौरान भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की यह लगातार तीसरी बड़ी मौजूदगी होगी। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल दिवस के अवसर पर राज्य का दौरा किया था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का राष्ट्रीय कार्यक्रम भी कोलकाता में आयोजित किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री स्वयं शामिल हुए। अब अमित शाह का दौरा भाजपा के वैचारिक और राजनीतिक अभियान को आगे बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
अंतिम रूप दिया जा रहा कार्यक्रम
भाजपा सूत्रों के मुताबिक, अमित शाह के दौरे को शनिवार को अंतिम स्वीकृति मिली। फिलहाल उनके सभी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की जा रही है। प्रदेश नेतृत्व विभिन्न आयोजनों और बैठकों को लेकर मंथन कर रहा है। उम्मीद है कि रविवार तक पूरा कार्यक्रम सार्वजनिक कर दिया जाएगा।
तृणमूल संकट के बीच बढ़ेगा राजनीतिक ताप
अमित शाह का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस आंतरिक कलह और संगठनात्मक संकट से जूझ रही है। ऐसे माहौल में भाजपा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के मंच से अपनी वैचारिक पहचान को और मजबूत करने के साथ-साथ नई सरकार की प्राथमिकताओं और राजनीतिक संदेश को भी प्रमुखता से सामने रखने की तैयारी में है।
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भाजपा इस आयोजन को केवल श्रद्धांजलि कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखना चाहती। पार्टी का प्रयास है कि डॉ. मुखर्जी के विचारों, राष्ट्रवाद और पश्चिम बंगाल के निर्माण में उनकी भूमिका को व्यापक स्तर पर सामने लाया जाए। इसी रणनीति के तहत केंद्रीय नेतृत्व की मौजूदगी को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
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प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती प्रत्येक भाजपा कार्यकर्ता के लिए गर्व का अवसर है। उन्होंने कहा कि पहली बार उनकी जन्मभूमि पर उनकी विचारधारा से प्रेरित सरकार के रहते यह आयोजन हो रहा है। ऐसे में अमित शाह की उपस्थिति इसे ऐतिहासिक महत्व प्रदान करती है। शमीक ने यह भी कहा कि लंबे समय तक डॉ. मुखर्जी के योगदान को अपेक्षित स्थान नहीं मिला, लेकिन अब नई पीढ़ी उनके जीवन, राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका और पश्चिम बंगाल को भारत का हिस्सा बनाए रखने में उनके योगदान को समझ रही है।
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भाजपा के केंद्रीय अभियान की अगली कड़ी
पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ सप्ताह के दौरान भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की यह लगातार तीसरी बड़ी मौजूदगी होगी। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल दिवस के अवसर पर राज्य का दौरा किया था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का राष्ट्रीय कार्यक्रम भी कोलकाता में आयोजित किया गया, जिसमें प्रधानमंत्री स्वयं शामिल हुए। अब अमित शाह का दौरा भाजपा के वैचारिक और राजनीतिक अभियान को आगे बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
अंतिम रूप दिया जा रहा कार्यक्रम
भाजपा सूत्रों के मुताबिक, अमित शाह के दौरे को शनिवार को अंतिम स्वीकृति मिली। फिलहाल उनके सभी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की जा रही है। प्रदेश नेतृत्व विभिन्न आयोजनों और बैठकों को लेकर मंथन कर रहा है। उम्मीद है कि रविवार तक पूरा कार्यक्रम सार्वजनिक कर दिया जाएगा।
तृणमूल संकट के बीच बढ़ेगा राजनीतिक ताप
अमित शाह का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस आंतरिक कलह और संगठनात्मक संकट से जूझ रही है। ऐसे माहौल में भाजपा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के मंच से अपनी वैचारिक पहचान को और मजबूत करने के साथ-साथ नई सरकार की प्राथमिकताओं और राजनीतिक संदेश को भी प्रमुखता से सामने रखने की तैयारी में है।