फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Amit Shah and Sharad Pawar meeting amid crisis in the Maha Vikas Aghadi government in Maharashtra

शाह-पवार की मुलाकात: बदलाव के संकेत या शिवसेना-कांग्रेस को संदेश

Wed, 31 Mar 2021 04:36 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Wed, 31 Mar 2021 04:36 AM IST
सार

  • भाजपा को भरोसा नहीं, संभावनाओं को पक्ष में करने को ऐसा करते रहे हैं पवार
  • फिलहाल अपने करीबी देशमुख को सुरक्षित करना ही है पवार का लक्ष्य

विज्ञापन
Amit Shah and Sharad Pawar meeting amid crisis in the Maha Vikas Aghadi government in Maharashtra
शरद पवार और अमित शाह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कार में बम प्लांट करने के विवाद से क्या महाराष्ट्र की राजनीति नया करवट लेगी? या फिर एनसीपी प्रमुख शरद पवार अपने सहयोगियों शिवसेना और कांग्रेस को कोई संदेश देना चाहते हैं? अहमदाबाद में पीएम मोदी के करीबी के घर गृहमंत्री अमित शाह और शरद पवार की मुलाकात के बाद इन सवालों के जवाब ढूंढे जा रहे हैं। हालांकि भाजपा महाराष्ट्र की सियासत में बड़े बदलाव के प्रति आश्वस्त नहीं है।

विज्ञापन


पवार अपने सियासी जीवन में किसी भी संभावनाओं को अपने पक्ष में करने के लिए ऐसे संदेश देते आए हैं। भाजपा में एक बड़े वर्ग का मानना है कि इस मुलाकात के जरिये दरअसल पवार अपने करीबी अनिल देशमुख पर हमलावर शिवसेना और कांग्रेस को संदेश देना चाहते हैं। पवार ने 2019 के विधानसभा चुनाव के दौरान भी ऐसा ही किया था। सरकार में अपना वर्चस्व बनाए रखने के लिए पवार भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के साथ लगातार संपर्क में रहे थे। हालांकि अपने अनुकूल सब कुछ करा लेने के बाद पवार ने महा विकास अघाड़ी की सरकार बनवाई।
विज्ञापन


महाराष्ट्र से जुड़े पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, पवार ने हमेशा ऐसी ही राजनीति की है। उन्होंने सभी दलों के बड़े नेताओं से करीबी संबंध बनाए रखा। हमेशा यह संदेश देने की कोशिश की कि उनके लिए कोई दल अछूत नहीं है। इस आशय का संदेश देकर पवार राजनीति को अपने अनुकूल बनाते रहे। गौरतलब है कि सचिन वाजे के जरिये वसूली के मामले में शिवसेना और कांग्रेस दोनों गृहमंत्री अनिल देशमुख को हटाना चाहते हैं, जबकि पवार उन्हें पद पर बनाए रखने के लिए अड़े हुए हैं। ऐसे में इस मुलाकात को शिवसेना और कांग्रेस को एक बड़ा संदेश देने की कोशिश के रूप में भी देखा जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


फडणवीस के साथ बना ली थी सरकार
भाजपा का एक वर्ग एनसीपी-भाजपा की तीन दिन की सरकार मामले में भी पवार की भूमिका मानता है। गौरतलब है कि तब पवार के भतीजे अजित पवार ने फडणवीस के साथ सरकार बना ली थी। इसके बाद नाटकीय ढंग से एनसीपी-कांग्रेस-शिवसेना की सरकार बनी। इस सरकार में भी अजित पवार को उपमुख्यमंत्री बनाया गया। भाजपा का मानना है कि यह सारा ड्रामा पवार के इशारे पर शिवसेना-कांग्रेस को संदेश देने के लिए किया गया। अगर ऐसा नहीं था तो बागी अजित पवार को तब इतना महत्व क्यों दिया गया।

मुलाकात को बना रहे सस्पेंस
अहमदाबाद में मुलाकात को लेकर इसमें शामिल सभी नेता सस्पेंस बना रहे हैं। गृहमंत्री शाह ने यह कह कर सस्पेंस और बढ़ा दिया कि सभी बातें सार्वजनिक नहीं की जा सकतीं। इसके तत्काल बाद महाराष्ट्र भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने मुलाकात की पुष्टि की। हालांकि इस मामले में पवार और प्रफुल्ल पटेल दोनों चुप हैं। हालांकि एनसीपी की ओर से नवाब मलिक ने दावा किया कि ऐसी कोई मुलाकात नहीं हुई है। चूंकि पवार और पटेल की ओर से इसका खंडन नहीं किया गया है, वह भी तब जब इसके कारण कयासों का दौर चल रहा है, इसलिए भी इसे पवार का दांव माना जा रहा है।


एनसीपी हटी, तो ठाकरे सरकार की विदाई तय
एनसीपी को लेकर भाजपा की उत्सुकता जगजाहिर है। अगर एनसीपी गठबंधन से हटी तो ठाकरे सरकार की विदाई तय है। दूसरा पहलू यह भी है कि मौजूदा राजनीति में विपक्ष के पास पवार ही ऐसा चेहरा बचे हैं जो न सिर्फ तीसरा मोर्चा खड़ा कर सकते हैं, बल्कि इन मोर्चे के सामने कांग्रेस को भी हथियार डालने पर विवश कर सकते हैं। ऐसे में अगर पवार और उनकी पार्टी राजग में शामिल होते हैं, तो विपक्ष की राजनीति को अगले लोकसभा चुनाव में भी गहरा झटका लगेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed