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अमित शाह ने कहा-निजी सुरक्षा गार्डों को भी मिले कल्याणकारी योजनाओं का लाभ

Wed, 25 Sep 2019 02:13 AM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Trainee Trainee Updated Wed, 25 Sep 2019 02:13 AM IST
सार

  • निजी सुरक्षा गार्ड की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हो : अमित शाह
  • गृहमंत्री ने निजी सुरक्षा कंपनियों के संचालकों को सुझाया रोडमैप
  • देश में 76 फीसदी निजी गार्ड, 24 फीसदी पुलिस व अन्य बल
  • 26/11 हमले में आतंकियों के लिए मुसीबत बने थे निजी गार्ड

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Amit Shah advocated welfare schemes for private security guards
अमित शाह (फाइल) - फोटो : ANI

विस्तार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को कहा कि देश के निजी सुरक्षा गार्डों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए। शाह के मुताबिक निजी सुरक्षा गार्ड सुरक्षा की पहली पंक्ति होते हैं। इनकी देश के आर्थिक और औद्योगिक विकास में अहम भूमिका है। लिहाजा निजी सुरक्षा एजेंसियों के संचालकों को इन्हें स्वास्थ्य बीमा, मेडिकल जांच और पेंशन जैसी सुविधाएं मुहैया करानी चाहिए। इसके लिए कंपनियां विभिन्न सरकारी योजनाओं की मदद ले सकती हैं।
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गृह मंत्रालय की पहल पर  सुरक्षा कंपनियों की लाईसेंसिंग पोर्टल का उद्घाटन करते हुए शाह ने कहा कि सभी कंपनियां सुनिश्चित करें कि उनके कर्मियों के जनधन खाते हों और कोई नकद लेनदेन न किया जाए। शाह ने कंपनियों से कहा कि नियुक्ति करते वक्त एनसीसी कैडटों को वरीयता दी जाए। इन्हें आधारभूत सुरक्षा की जानकारी होती है। 
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उन्होंने कहा कि सुरक्षा गार्डों को आईपीसी की आधारभूत जानकारी और एफआईआर दर्ज करने जैसी कानूनी प्रक्रियाओं का ज्ञान होना चाहिए। गृहमंत्री के मुताबिक इस क्षेत्र में रोजगार की काफी संभावना है। लिहाजा निजी सुरक्षा में लगे लोगों को लिए सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा को सुनिश्चित करना जरूरी है।
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देश में 76 फीसदी निजी गार्ड, 24 फीसदी पुलिस व अन्य बल

गृहमंत्री ने बताया कि देश में 90 लाख निजी सुरक्षा गार्ड हैं जबकि पुलिस और अर्धसैनिक बलों की कुल संख्या 30 लाख है। यानी देश में सुरक्षा में लगे लोगों का 76 फीसदी निजी सुरक्षा गार्ड हैं और पुलिस व बल सिर्फ 24 फीसदी हैं।

26/11 हमले में आतंकियों के लिए मुसीबत बने थे निजी गार्ड

26-11 मुंबई हमले का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि आतंकियों को पहले दो सुरक्षा गार्ड का सामना करना पड़ा जो आतंकवादियों के लिए खासी मुसीबत बनी। उन्होंने कहा कि कंपनियां प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत दो लाख की बीमा योजना से अपने गार्ड को जोड़ सकती हैं। वह हरेक गार्ड के लिए मामूली 22 रुपए सालाना जमा करे। बाकी की 350 रुपए की रकम सरकार देगी।
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