Iran Unrest: तनाव के बीच ईरान को आई भारत की याद, ईरानी विदेश मंत्री ने लगाया जयशंकर को फोन; क्या हुई बात?
Iran Unrest: ईरान में तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिका ने भी तनावग्रस्त देश को चेतावनी दी है। ऐसे में देश के अंदर जारी संकट के बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से फोन पर बात की। जिसकी जानकारी विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक्स पोस्ट के जरिए साझा की।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ईरान में दो हफ्तों से अधिक समय से हिंसा और आगजनी के जरिए विरोध प्रदर्शन चरम पर है। सड़कों पर जनता सुप्रीम लीडर खामेनेई के खिलाफ नारेबाजी कर रही है। बढ़ते तनाव के मद्देनजर ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने एस जयशंकर को फोन किया और संभावित अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच ईरान की स्थिति पर चर्चा की।
दोनों विदेश मंत्री के बीच क्या हुई बात?
अपने एक्स पोस्ट में विदेश जयशंकर ने बताया कि ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची का फोन आया। हमने ईरान और उसके आसपास की बदलती स्थिति पर चर्चा की। हालांकि उन्होंने ज्यादा जानकारी साझा नहीं की, लेकिन यह फोन कॉल कहीं ना कही ईरान की बिगड़ते स्थिति का संकेत माना जा रहा है।
Received a call from Iranian Foreign Minister Seyed Abbas Araghchi. @araghchi
We discussed the evolving situation in and around Iran. — Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) January 14, 2026
जयशंकर ने आईओआरए महासचिव से की मुलाकात
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नई दिल्ली में हिंद महासागर रिम एसोसिएशन (आईओआरए) के महासचिव संजीव रंजन से मुलाकात की। इस दौरान आईओआरए के सदस्य देशों के बीच सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों की समीक्षा की गई। बातचीत में सरकारों, कारोबार जगत और शैक्षणिक संस्थानों के बीच आपसी जुड़ाव को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया।
जयशंकर ने सोशल मीडिया पर लिखा, आईओआरए के महासचिव संजीव रंजन से मुलाकात हुई। इस दौरान सदस्य देशों के साथ प्राथमिक सहयोग जैसे क्षेत्रों पर चर्चा हुई। बैठक का उद्देश्य संगठन के ढांचे के भीतर सहयोग को आगे बढ़ाना और हिंद महासागर क्षेत्र में टिकाऊ व समावेशी विकास को प्रोत्साहित करना है। यह बैठक ऐसे समय में हुई, जब क्षेत्रीय सहयोग को नई प्राथमिकता दी जा रही है। ताकि साझा आर्थिक, विकासात्मक और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों से मिलकर निपटा जा सके। बैठक में जयशंकर ने कहा कि सदस्य देशों के बीच बेहतर समन्वय से क्षेत्र की आर्थिक संभावनाओं को खोलने के साथ ही स्थिरता और मजबूती भी सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने व्यापारिक निवेश बढ़ाने में उद्योग जगत और नवाचार व क्षमता निर्माण में शिक्षा व शोध संस्थानों की भूमिका को भी अहम बताया।
ये भी पढ़ें: US-Iran Tensions: अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाएगा ईरान? सऊदी-UAE जैसे क्षेत्रीय देशों को दी ये बड़ी चेतावनी
भारत ने जारी की ईरान में भारतीयों के लिए एडवाइजरी
दोनों देश के नेताओं के बीच यह फोन पर बात ऐसे वक्त भी हुई, जब ईरान में अंदर बिगड़ती स्थिति के बीच भारतीय विदेश मंत्रालय ने भारतीयों को तुरंत देश छोड़ने की एडवाइजरी जारी है। भारत की ओर से जारी सलाह में कहा गया कि ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों (छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों) को वाणिज्यिक उड़ानों सहित उपलब्ध किसी भी परिवहन साधनों का उपयोग करके ईरान छोड़ने की सलाह दी जाती है। इसी के साथ सतर्क रहने और संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की भी अपील की गई।
ये भी पढ़ें: ईरान की चेतावनी पर चौकन्ने हुए ट्रंप: कतर में अलर्ट पर अमेरिकी सैन्य अड्डा, कुछ कर्मियों को खाली करने की सलाह
अब तक 2,571 लोगों की मौत
गौरतलब है कि दो हफ्तों से ज्यादा समय से ईरान में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शन में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में अब तक कम से कम 2,571 लोगों की मौत हो चुकी है। यह आंकड़ा बीते कई दशकों में ईरान के किसी भी आंदोलन से कहीं अधिक है और 1979 की इस्लामी क्रांति के समय की स्थिति की याद दिलाता है।
अन्य वीडियो