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आयुध कारखानों में हड़ताल के बीच रक्षा मंत्रालय ने उनके सामानों की गुणवत्ता पर उठाए सवाल
Wed, 21 Aug 2019 06:05 PM IST
अमर शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 21 Aug 2019 06:05 PM IST
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राजनाथ सिंह (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook
देशभर में ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड (ओएफबी) के कर्मचारियों की हड़ताल के बीच, रक्षा मंत्रालय का कहना है कि ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड के उत्पादों की कीमत बहुत ज्यादा है, उनके खराब गुणवत्ता को लेकर भी कई मुद्दे हैं और कारखानों में नई खोज बहुत कम होती हैं।
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक रक्षा मंत्रालय का कहना है कि आयुध कारखाना बोर्ड (ओएफबी) का सार्वजनिक क्षेत्र की कॉर्पोरेट इकाई में प्रस्तावित परिवर्तन कारखाना की दक्षता में सुधार करेगा, आयात निर्भरता को कम करेगा और सशस्त्र बलों की लड़ाकू क्षमता को बढ़ाएगा।
बता दें कि भारतीय सशस्त्र बलों के लिए हथियार और गोला-बारूद बनाने वाले इंडियन ऑर्डिनेंस फैक्ट्रीज के करीब 83,000 कर्मचारी मंगलवार से हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के फैक्ट्रियों के निगमीकरण का प्रस्ताव पास करने के विरोध में यह कदम उठाया।
इंडियन ऑर्डिनेंस फैक्ट्रीज संगठन के तहत 41 आयुध कारखाने आते हैं और इनका मुख्यालय ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड के नाम से कोलकाता में है। इसका रक्षा उत्पादन में 200 साल से ज्यादा का अनुभव है।
इंडियन ऑर्डिनेंस फैक्ट्रीज के हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि सरकार एक तरफ जहां सेना को ताकतवर बनाने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा संस्थानों के निजीकरण का षडयंत्र रच रही है। हड़ताली कर्मचारियों के मुताबिक सरकार का यह निर्णय देश की सुरक्षा के लिए घातक साबित होगा।
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समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक रक्षा मंत्रालय का कहना है कि आयुध कारखाना बोर्ड (ओएफबी) का सार्वजनिक क्षेत्र की कॉर्पोरेट इकाई में प्रस्तावित परिवर्तन कारखाना की दक्षता में सुधार करेगा, आयात निर्भरता को कम करेगा और सशस्त्र बलों की लड़ाकू क्षमता को बढ़ाएगा।
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Defence Ministry says the proposed transformation of Ordnance Factory Board (OFB) into a public sector corporate entity will improve efficiency, reduce import dependence and enhance combat efficiency of the armed forces. (2/2)
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) August 21, 2019
बता दें कि भारतीय सशस्त्र बलों के लिए हथियार और गोला-बारूद बनाने वाले इंडियन ऑर्डिनेंस फैक्ट्रीज के करीब 83,000 कर्मचारी मंगलवार से हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारियों ने केंद्र सरकार के फैक्ट्रियों के निगमीकरण का प्रस्ताव पास करने के विरोध में यह कदम उठाया।
इंडियन ऑर्डिनेंस फैक्ट्रीज संगठन के तहत 41 आयुध कारखाने आते हैं और इनका मुख्यालय ऑर्डनेंस फैक्ट्री बोर्ड के नाम से कोलकाता में है। इसका रक्षा उत्पादन में 200 साल से ज्यादा का अनुभव है।
इंडियन ऑर्डिनेंस फैक्ट्रीज के हड़ताली कर्मचारियों का कहना है कि सरकार एक तरफ जहां सेना को ताकतवर बनाने की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा संस्थानों के निजीकरण का षडयंत्र रच रही है। हड़ताली कर्मचारियों के मुताबिक सरकार का यह निर्णय देश की सुरक्षा के लिए घातक साबित होगा।