फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   America's constant support shows India's Entry In NSG is Almost done

अमेरिका ने एनएसजी सदस्यों से भारत का समर्थन करने का आग्रह किया

Fri, 17 Jun 2016 12:04 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Fri, 17 Jun 2016 12:04 PM IST
विज्ञापन
America's constant support shows India's Entry In NSG is Almost done

करीब 4 दशकों से परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह यानी एनएसजी बिरादरी से अलग भारत के लिए इस बार समूह में शामिल होना लगभग तय है। पीएम नरेंद्र मोदी देश को एनएसजी की सदस्यता दिलाने के लिए जितनी जोर-आजमाइश से लगे हैं, भारत के समर्थन में अमेरिका की कोशिशें भी उतनी तेजी से जोर पकड़ती जा रही हैं। लगातार समूह के 48 देशों पर भारत के पक्ष में दबाव बना रहे अमेरिका ने फिर एनएसजी देशों को भारत का समर्थन करने को कहा है।

विज्ञापन


हफ्ते भर पहले ही अमेरिकी विदेश मंत्री जॉन कैरी ने एनएसजी देशों को पत्र लिखा था की भारत की सदस्यता के लिए आमराय बनाएं। अब यूएस स्टेट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता जॉन किरबी ने पत्रकारों से कहा है कि हफ्ते भर बाद एनएसजी प्लेनरी में आवेदनों पर विचार किया जाएगा, अमेरिका ने सभी देशों से भारत का समर्थन करने के लिए कहा है।
विज्ञापन


एक सवाल के जवाब में किरबी ने पत्रकारों से कहा कि हमनें सभी देशों से साफ कर दिया है कि भारत के आवेदन पर गौर होना चाहिए। 

उधर नामीबिया भी भारत को सशर्त समर्थन करने के लिए तैयार हो गया है। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी नामीबिया की यात्रा पर हैं, इस मौके पर वहां राष्ट्रपति हेज गेनगोब ने कहा कि नामीबिया के पास खुद के परमाणु हथियार तो है नहीं, लेकिन उसके पास भरपूर परमाणु ईंधन है। नामीबिया चाहता है कि भारत परमाणु ईधन का गलत इस्तेमाल न करे तो वह सहयोग करने के लिए तैयार है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पाकिस्तान, चीन, तुर्की, ऑस्ट्रिया और दक्षिण अफ्रीका को छोड़ दें तो लगभग सभी देश भारत की एनएसजी में सदस्यता को लेकर एकमत दिख रहे हैं।

चीन ने भी माना, भारत एनएसजी के काफी करीब

America's constant support shows India's Entry In NSG is Almost done

काबिल-ए-गौर बात ये भी है कि इससे ठीक पहले चीन ने चिंता जताई है कि अमेरिकी समर्थन के चलते भारत एनएसजी में शामिल होने के बहुत करीब है। 

चीन का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिका, स्विट्जरलैंड और मैक्सिको से समर्थन मिल चुका है, लेकिन इस समूह में भारत के प्रवेश से दक्षिण एशिया में रणनीतिक संतुलन को धक्का लगेगा। साथ ही पूरे एशिया प्रशांत क्षेत्र में भी शांति को खतरा पैदा होगा। 

चीन ने ये भी चिंता जताई कि भारत एनएसजी की सदस्यता हासिल करने में कामयाब हो जाता है, तो भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु संतुलन बिगड़ जाएगा। 

चीनी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ के एक लेख में कहा गया कि चीन 48 देशों वाले परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह में भारत की तभी मदद करेगा, जब वह नियम से चले। चीनी अखबार के मुताबिक भारत एनएसजी में शामिल होकर आसानी से असैन्य परमाणु तकनीकी और ईंधन को अंतरराष्ट्रीय बाजार से आयात कर सकेगा। साथ ही सैन्य उपयोग के लिए घरेलू परमाणु सामानों को सुरक्षित कर सकेगा। अखबार ने कहा कि भारत का का एनएसजी में शामिल होना चीन के राष्ट्रीय हित के लिए खतरा है, जबकि पाकिस्तान की कमजोर नब्ज को छूना है। 

कुलमिलाकर सारे संकेत भारत के पक्ष में नजर आते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed