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अमेरिका में पढ़ने वाले भारतीय छात्रों की बढ़ेंगी मुश्किलें, कानून हुआ सख्त
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 11 Aug 2018 11:22 AM IST
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अमेरिका में रहने वाले अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए अब यहां रहना मुश्किल हो जाएगा। इसके लिए अमेरिका अंतिम दिशानिर्देश बना चुका है। यह नीति 9 अगस्त से लागू हो गई है। अब छात्र और उनके आश्रित को 'स्टूडेंट स्टेटस' खत्म होने पर अपने आप अमेरिका में गैरकानूनी तरीके से रहने वाला माना जाएगा। बेशक छात्र को अमेरिका में रहने के लिए मिली समयावधि खत्म ना हुई हो लेकिन जैसे ही उसका स्टेटस होने पर उसे अवैध माना जाएगा।
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यह नई नीति पहले के नियमों के विपरीत है। पहले गैरकानूनी तरीके से देश में रहना उसे माना जाता था जब नियम का उल्लंघन होता था या अप्रवासन अधिकारी कोई आदेश पारित करता था। नई नीति के उन लोगों को गंभीर नतीजे भुगतने होंगे जो 180 दिनों तक गैरकानूनी तरीके से देश में रहेंगे। उन्हें 3-10 सालों के लिए अमेरिका में दोबारा प्रवेश नहीं मिलेगा। चीन के बाद अमेरिका में पढ़ने वाले भारतीयों की संख्या ज्यादा है। ओपन डोर रिपोर्ट 2017 के अंतर्राष्ट्रीय डाटा से यह पता चलता है कि 1.86 लाख भारतीय छात्र अमेरिका में मौजूद हैं।
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यदि कोई छात्र हफ्ते में किसी शैक्षणिक संस्थान द्वारा उसकी पढ़ाई के कोर्स के लिए निर्धारित घंटों को पूरा नहीं करता है तो उसे वापस भेजा जा सकता है। ऐसा अध्ययन पूरा होने के बाद उपलब्ध अनुग्रह अवधि से परे, अनधिकृत रोजगार और अमेरिका में लंबी अवधि तक रहने की वजह से भी हो सकता है। विधेयक के अनुसार कुछ छात्रों को राहत मिल सकती है। इनमें वह अंतर्राष्ट्रीय छात्र शामिल होंगे जो स्टेटस से बाहर होने से पहले (पांच महीने के अंदर) और समय से बहाली के लिए आवेदन कर देंगे उन्हें गैरकानूनी तरीके से ठहरने का दोषी नहीं माना जाएगा। बेशक उनका आवेदन लंबित ही क्यों ना हो। यदि उनकी बहाली के आवेदन को रद्द कर दिया जाता है तो उन्हें उसी दिन वापस जाना होगा।
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न्यूयॉर्क बेस्ड अप्रवासन अटॉर्नी और कानूनी कंपनी के प्रबंध भागीदार ने कहा, 'यह बदलाव मामूली हैं खासतौर से छात्रों के लिए जो अनजाने में पहले अपने स्टेटस का उल्लंघन कर चुके हैं। यदि उसके बारे में सालों बाद भी पता चलता है तो उन्हें अमेरिका में प्रवेश से रोक दिया जाएगा।' वहीं इमिग्रेशन डॉट कॉम के मैनेजिंग अटॉर्नी ने कहा कि कई बार शैक्षणिक संस्थान सेविस (विदेशी छात्रों का डाटाबेस) में जानकारी एंटर करने में गलती कर देते हैं जिसकी वजह से अनजाने में छात्रों से स्टूडेंट स्टेटस का उल्लंघन हो जाता है। हमारे पास कई ऐसे उदाहरण मौजूद हैं।