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अमर उजाला पोलः 80 फीसदी की राय, हिंसा के बाद सियासी अखाड़ा बनता जा रहा है सहारनपुर
amarujala.com- Presented by: मोहित
Updated Sun, 28 May 2017 06:56 PM IST
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प्रशासन के रोकने के बावजूद यूपी के हिंसा प्रभावित जिले सहारनपुर पहुंचने के कोशिश में निकले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को बॉर्डर पर ही रोक लिया गया था। राहुल ने पुलिस द्वारा उनको रोकने पर यूपी की हालत को कश्मीर से तुलना करते हुए योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा। राहुल ने आरोप लगाया कि सरकार सहारनपुर को जलने दे रही है और वहां पर शांति लाने के लिए किसी तरह का कोई काम नहीं कर रही है, जिस तरह से केंद्र कश्मीर में शांति स्थापित करने में असफल रहा है।
इस दौरान उनके साथ गुलाम नबी आजाद और राज बब्बर सहित कई अन्य कांग्रेसी नेता भी थे। वहीं कांग्रेस सरकार की तारीफ करते हुए राहुल ने कहा कि हमने कश्मीर में शांति लाने के लिए दस साल तक काम किया था। गौरतलब है कि सहारनपुर जातीय हिंसा में जल रहा है, वहीं दूसरी तरफ इस मुद्दे पर जमकर राजनीति भी हो रही है।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या आपको लगता है कि जातीय हिंसा के बाद सियासी अखाडा बनता जा रहा है सहारनपुर?'
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पोल के जवाब में हमें कुल 8081 वोट मिले। इनमें 80.63 फीसदी (6516) पाठकों ने माना कि सहारनपुर जातीय हिंसा के बाद सियासी अखाडा बनता जा रहा है, जबकि 16.56 फीसदी (1338) पाठकों ने माना कि सहारनपुर सियासी अखाडा नहीं बन रहा है।
वहीं 2.81 फीसदी (227) पाठकों ने इस मुद्दे पर कोई राय जाहिर करने में असमर्थता जताई।
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इस दौरान उनके साथ गुलाम नबी आजाद और राज बब्बर सहित कई अन्य कांग्रेसी नेता भी थे। वहीं कांग्रेस सरकार की तारीफ करते हुए राहुल ने कहा कि हमने कश्मीर में शांति लाने के लिए दस साल तक काम किया था। गौरतलब है कि सहारनपुर जातीय हिंसा में जल रहा है, वहीं दूसरी तरफ इस मुद्दे पर जमकर राजनीति भी हो रही है।
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इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या आपको लगता है कि जातीय हिंसा के बाद सियासी अखाडा बनता जा रहा है सहारनपुर?'
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पोल के जवाब में हमें कुल 8081 वोट मिले। इनमें 80.63 फीसदी (6516) पाठकों ने माना कि सहारनपुर जातीय हिंसा के बाद सियासी अखाडा बनता जा रहा है, जबकि 16.56 फीसदी (1338) पाठकों ने माना कि सहारनपुर सियासी अखाडा नहीं बन रहा है।
वहीं 2.81 फीसदी (227) पाठकों ने इस मुद्दे पर कोई राय जाहिर करने में असमर्थता जताई।