{"_id":"5bf2cf16bdec220a7e0f8de1","slug":"amar-ujala-poll-the-demand-for-time-is-not-right-to-implement-rule-of-enter-in-sabarimala-temple","type":"story","status":"publish","title_hn":"पोल: सबरीमाला मंदिर में प्रवेश का नियम लागू करने के लिए और समय की मांग सही नहीं ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
पोल: सबरीमाला मंदिर में प्रवेश का नियम लागू करने के लिए और समय की मांग सही नहीं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 19 Nov 2018 08:26 PM IST
विज्ञापन
Amar ujala poll
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर मचे बवाल के बीच त्रावणकोर देवासम बोर्ड (टीडीबी) ने सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को याचिका दाखिल कर आदेश पर अमल के लिए और वक्त मांगा। सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर को 10 से 50 वर्ष की बच्चियों और महिलाओं के मंदिर में प्रवेश पर पाबंदी खत्म कर दी थी।
विज्ञापन
बोर्ड ने याचिका में कहा कि आदेश को तत्काल लागू करने के लिए उसके पास जरूरी साधन नहीं है। लोग हिंसा और विद्रोह पर उतर आए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 13 नवंबर को सभी पुनर्विचार याचिकाओं पर खुली अदालत में सुनवाई का आदेश दिया था। लेकिन, 28 सितंबर के आदेश पर रोक से इनकार कर दिया था। वकील मैथ्यु नेदुम्पारा ने 14 नवंबर को मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ से कहा था कि 28 सितंबर के फैसले पर रोक लगाई जाए। इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि 22 जनवरी, 2019 तक इंतजार कीजिए। उसी दिन सभी पुनर्विचार याचिकाओं पर सुनवाई करेंगे।
विज्ञापन
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या सबरीमाला मंदिर में प्रवेश का नियम लागू करने के लिए और समय की मांग सही है?'
विज्ञापन
पोल के जवाब में 50.44 फीसदी पाठकों ने माना कि सबरीमाला मंदिर में प्रवेश का नियम लागू करने के लिए और समय की मांग सही नहीं है, जबकि 49.56 फीसदी पाठकों ने कहा कि सबरीमाला मंदिर में प्रवेश का नियम लागू करने के लिए और समय की मांग करना सही है।