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अमर उजाला पोल: एनआरसी ड्राफ्ट पर राजनीतिक दल अपने-अपने फायदे की रोटियां सेकेंगे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 01 Aug 2018 07:48 PM IST
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असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस (एनआरसी) की सूची में 40 लाख लोगों के नाम शामिल न होने से केंद्र की राजनीति गरमाई हुई है। सूची में लोगों की इतनी बड़ी तादाद से संसद और सड़कों पर हंगामा मचा हुआ है।
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एनआरसी के दूसरे और आखिरी ड्राफ्ट के आने के बाद करीब 40 लाख लोग अवैध पाए गए हैं। विपक्ष का कहना है कि इस मुद्दे पर केंद्र सरकार राजनीतिक फायदे देख रही है।
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पश्चिम बंगाली की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने तो यहां तक कह दिया है कि सरकार के इस कदम से देश में गृहयुद्ध छिड़ सकता है। जबकि सरकार ने पलटवार करते हुए कहा है कि विपक्ष को देश की नहीं बल्कि घुसपैठियों की चिंता है।
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इस विषय पर अमर उजाला डॉट.कॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि 'क्या एनआरसी ड्राफ्ट पर राजनीतिक दल अपने-अपने फायदे की रोटियां सेकेंगे?' सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 2682 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। 89.93 फीसदी (2412 वोट) पाठकों ने माना कि एनआरसी ड्राफ्ट पर राजनीतिक दल अपने-अपने फायदे की रोटियां सेकेंगे। जबकि 10.07 फीसदी (270 वोट) पाठकों ने माना कि एनआरसी ड्राफ्ट पर राजनीतिक दल अपने-अपने फायदे की रोटियां नहीं सेकेंगे।